Jaisalmer news: राजस्थान के जैसलमेर जिले के कुहड़ी पुलिस स्टेशन इलाके में स्थित कोरवा गांव से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. यहां हीना भील नाम की शादीशुदा महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से जली हुई हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और सन्नाटा पसरा हुआ है.
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शादी के 14 साल बाद जुल्म का खौफनाक अंत
हीना की शादी 29 जून 2012 को भगवानाराम भील से हुई थी. परिजनों का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों के बाद से ही ससुराल वालों ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. कार की मांग, पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का विवाद और बच्चों को लेकर तरह-तरह के दबाव बनाए जाते थे. आरोप यह भी है कि उसे अनजाने में दवाइयां देकर गर्भपात कराया जाता था ताकि जमीन का बंटवारा न हो.
'तुम डायन हो...' अंधविश्वास और विच-हंटिंग का आरोप
मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू अंधविश्वास और 'डायन' प्रथा से जुड़ा है. परिजनों के अनुसार, हीना को बच्चा न होने पर 'चुड़ैल' और 'डायन' कहकर प्रताड़ित किया जाता था. उस पर बच्चों को खा जाने के झूठे आरोप लगाए जाते थे. यहां तक कि उसे स्थानीय दरगाह ले जाकर तंत्र-मंत्र के जरिए डराया-धमकाया भी गया. कानूनन प्रतिबंधित होने के बावजूद उसे लगातार इस नाम से जलील किया जा रहा था.
21 सितंबर की खौफनाक रात और आखिरी बयान
21 सितंबर की रात को हीना पर संदिग्ध परिस्थितियों में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई. 90% से ज्यादा जली हालत में उसे पहले जैसलमेर के जवाहर अस्पताल और फिर जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया. दर्द से तड़पती हीना ने अपने आखिरी बयान में बताया कि उसके साथ क्या-क्या जुल्म हुए. आखिरकार 24 सितंबर की सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
पति समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, CBI जांच की मांग
हीना के पिता पुरखाराम भील की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है. कुहड़ी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति भगवानाराम, ससुर सोनाराम, सास लास्मो देवी और ननद अमृता देवी को गिरफ्तार कर लिया है. FSL और MOB की टीमों ने मौके से सबूत जुटाए हैं. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच की मांग की है.
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