कभी मिल में मजदूरी करते थे जानकी लाल, अब पद्म श्री अवॉर्ड के ऐलान के बाद इस बात से है परेशान

Padma Shri Award: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 132 हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shri Award) देने की घोषणा की. जिसमें राजस्थान से चार लोगों जानकीलाल (Jankilal), अली-गनी मोहम्मद (Ali Mohammed and Gani Mohammed), लक्ष्मण भट्ट तैलंग (Laxman Bhatt Tailang)और माया टंडन (Maya Tandon) का नाम शामिल है. भीलवाड़ा के […]

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प्रमोद तिवारी

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Padma Shri Award: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 132 हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shri Award) देने की घोषणा की. जिसमें राजस्थान से चार लोगों जानकीलाल (Jankilal), अली-गनी मोहम्मद (Ali Mohammed and Gani Mohammed), लक्ष्मण भट्ट तैलंग (Laxman Bhatt Tailang)और माया टंडन (Maya Tandon) का नाम शामिल है. भीलवाड़ा के जानकी लाल भांड को उनकी बहुरूपिया कला की वजह से नवाजा गया है. जैसे ही उनके नाम का ऐलान हुआ, वैसे ही उनके घर पर उनके शुभचिंतकों का तांता लगना शुरू हो गया है.   

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रोजी-रोटी का संघर्ष और कला को लेकर लगाव रखने वाले जानकीलाल के जीवन में संघर्ष भी कम नहीं रहा. वह महज 20 साल की उम्र में चित्तौड़गढ़ जिले से भीलवाड़ा आ गए और एक टेक्सटाइल मिल में मजदूर का काम किया. हालांकि उनका मन यहां नहीं लगा. इसकी एक खास वजह थी कि विरासत में मिली बहुरूपिया कला को उन्हें जिंदा रखना था.  

दुनियाभर में लहरा चुके हैं अपनी कला का परचम

पद्मश्री से नवाजे गए बहरूपिया जानकी लाल का अब दर्द भी सामने आया गया है. जब राजस्थान तक से उन्होंने खास बातचीत की तो उन्होंने कहा कि इस कला को जीवंत रखना अब बड़ा ही मुश्किल है. यह मेरा नहीं, मेरी कला का सम्मान है. 60 साल से अधिक समय तक इस कला को जिंदा रखने में उन्हें परेशानियां तो खूब उठानी पड़ी पर उन्होंने हार नहीं मानी. पूरे देश के साथ ही उन्होंने दुनिया के आठ देशों में अपनी इस कला का परचम लहराया.

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