Jhunjhunu Navy Jawan Poonamchand Mehra News:राजस्थान के झुंझुनूं जिले के ककराना गांव में एक ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला जिसे शायद यह गांव कभी नहीं भूल पाएगा. मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले नौसेना जवान पूर्णमल मेहरा, उनकी पत्नी ओमा मेहरा, 3 साल के मासूम बेटे यश और महज 3 महीने की बेटी की पार्थिव देह जब ककराना गांव पहुंची तो हर तरफ सन्नाटा और चीख-पुकार मच गई. जिस घर में कुछ महीने पहले ही बेटी के जन्म की खुशियां मनाई गई थीं, उसी घर से एक साथ चार अर्थियां निकाली गईं.
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सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
गूंढा गौड़जी थाने से सेना के विशेष वाहन में चारों पार्थिव देह को गांव लाया गया. ग्रामीणों ने नम आंखों के साथ तिरंगा यात्रा निकालकर अंतिम यात्रा में भाग लिया. नौसेना की टुकड़ी ने जवान पूर्णमल मेहरा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और इसके बाद सेना के अधिकारियों ने पूर्णमल के पिता शंभू दयाल मेहरा को तिरंगा सौंपा. इसके उपरांत, पूनमल और उनकी पत्नी ओमा का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि पूर्णमल के छोटे भाई मुकेश कुमार ने मुखाग्नि दी.
मुंबई के हाई सिक्योरिटी नेवी नगर में मिला था परिवार
2015 में नौसेना में भर्ती हुए जवान पूर्णमल मेहरा 15 अगस्त को मुंबई के हाई सिक्योरिटी नेवी नगर स्थित अपने सरकारी आवास में मृत पाए गए थे. परिजनों ने बताया कि घटना से तीन दिन पहले तक फोन पर बात हुई थी, लेकिन बाद में लगातार कॉल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला. जब दरवाजा खोला गया तो कमरे के अंदर जवान, उनकी पत्नी और दोनों मासूम बच्चों के शव मिले.
पुलिस जांच में जुटी, सुसाइड नोट नहीं मिला
घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव, जहर देने या सेवन करने जैसे सभी संभावित एंगलों से हत्या और आत्महत्या के दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर गहन जांच कर रही है. फिलहाल किसी बाहरी व्यक्ति के शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन मामले में कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं.
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