मेरी पकड़ बहुत ऊंची है. बड़े नेता, अफसर और पुलिस के बड़े अधिकारी संपर्क में हैं. काम हो जाएगा. हर किसी को ऐसे ही झांसे में लेती है लेडी डॉन सुमता विश्नोई...ये बातें कोई और नहीं बल्कि सुमता द्वारा ठगे गए पीड़ित बता रहे हैं. इधर पुलिस ने भी लेडी डॉन का भौकाल देख लिया. पुलिस पकड़ने गई पर उसे सुमता सुथार तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. कहें तो सुमता को पकड़ना आसान नहीं था. दरवाजा तुड़वाकर पुलिस को घर में एंट्री लेनी पड़ी. सुमता ने जैसे ही पुलिस को सामने देखा तो बोल पड़ी- जयहिंद साहब.
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कौन है सुमता और क्या है 2 करोड़ 45 लाख की ठगी की कहानी ?
चित्तौड़गढ़ के एक व्यापारी से 2 करोड़ 45 लाख रुपए की ठगी के मामले में पकड़ी गई कुख्यात तस्कर लेडी डॉन सुमता विश्नोई को उसके दो बेटों के साथ पुलिस थाने लेकर गई. बोरानाडा एसीपी नरेंद्र कुमार पारीक ने बताया कि सुमता के साथ उसके बेटों विनोद बिश्नोई और मनीष बिश्नोई को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
करीब साल 2010 में अपने पति के साथ सुमता गांव छोड़कर जोधपुर आई. पति पहले गांव में ड्राइवरी करता था. बाद में वो इसी काम के सिलसिले में कर्नाटक चला गया. इसी बीच सुमता की पहचान प्रदीप ईरम से हुई. पुलिस के मुताबिक राजू शराब और ड्रग तस्करी में बड़ा नाम था. कहा जाता है कि सुमता धीरे-धीरे उसके नेटवर्क का हिस्सा बन गई और उसने इतना मजबूत पकड़ बना लिया कि नेटवर्क की अहम कड़ी बन गई.
तस्कर सुमता विश्नोई एमपी से आने वाली डोडा पेास्त की खेप को खुद एस्कॉर्ट करके लाती थी. साथ में हथियार भी रखती थी. कई मौकों पर प्रदीप और उससके साथी पुलिस की वर्दी में भी तस्करी कर चुके हैं. सुमता पूरी रात ड्राइव करती थी.
पहली बार साल 2016 में पकड़ी गई सुमता
सुमता पहली बार साल 2016 में पकड़ी गई. तब जोधपुर के बोरानाडा इलाके में उसके आलीशान 4 मंजिला मकान पर छापा पड़ा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तब उसके पास से 76 ग्राम अफीम और कई लग्जरी गाड़ियां मिलने की बात कही गई. यही नहीं वाहनों की निगरानी करने वाले जीपीएस सिस्टम भी मिलने की बात कही गई थी. सुमता के दोनों बेटे नामी स्कूल में पढ़ते थे.
अब 2 करोड़ 45 लाख की ठगी में पकड़ी गई
अब तक लेडी डॉन सुमता बिश्नोई पर जोधपुर के अलग-अलग स्थान में 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं. जिसमें एनडीपीएस तस्करी और लोगों के साथ धोखाधड़ी के प्रकरण है. वह कई मामलों में न्यायिक अभिरक्षा में रह चुकी है. खास तौर से उसके खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी के मामले ज्यादा है. पीड़ित ने अपनी रिपोर्ट में बेटों के साथ लेन देन करने का आरोप लगाया था इसके चलते वो भी गिरफ्तार हुए है.
सांवलिया सेठ मंदिर में प्रसाद का ठेका दिलाने के नाम पर लिए पैसे
चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेडा के व्यापारी पर्वत सिंह राजपुरोहित ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया था कि सुमता विश्नोई अपनी पहचान का हवाला देती थी. पुलिस कोर्ट सहित अन्य काम करवाने का दावा करती थी. पर्वत सिंह को उसमें बताया कि उसके कई नेता अफसरों के संपर्क है. पर्वत सिंह को उसमें सांवलियाजी मंदिर ट्रस्ट में प्रसाद का ठेका दिलाने के लिए एक करोड़ पांच लाख और एक व्यक्ति की हाईकोर्ट से जमानत करवाने के नाम पर एक करोड़ चालीस लाख रुपए ले लिए. जबकि दोनों ही काम नहीं हुए फिर भी रुपए वापस नहीं किए.
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