जोधपुर पुलिस की साइबर सेल ने वर्क फ्रॉम होम के नाम पर लड़कियों को जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने और दुष्कर्म करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मुंबई से मुख्य आरोपी समेत दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 30 लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो और 200 से अधिक युवतियों का डेटा बरामद हुआ है.
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विज्ञापन के जरिए बिछाया जाल
आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट पर वर्क फ्रॉम होम का लुभावना विज्ञापन देते थे. इसके बाद वे आसान टास्क जैसे इंस्टाग्राम रील्स लाइक करना या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर रिव्यू देने का काम सौंपते थे. धीरे-धीरे ज्यादा पैसे का लालच देकर युवतियों को झांसे में लेते और उनके न्यूड फोटो व वीडियो हासिल कर लेते थे.
ब्लैकमेल कर किया दुष्कर्म
आपत्तिजनक कंटेंट हाथ लगते ही आरोपी युवतियों को वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने लगते थे. जोधपुर में एक युवती ने इस संबंध में केस दर्ज करवाया है, पुलिस के सामने दर्ज शिकायत के मुताबिक, दिसंबर 2025 में मुख्य आरोपी जोधपुर आया था. आरोप है कि उसने युवती को एक होटल में बुलाया और उसके साथ रेप किया. इसके बाद भी युवती को निजी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती रही. लगातार दबाव और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर उसने पुलिस से मदद मांगी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मुंबई में मिली. इसके बाद जोधपुर ग्रामीण पुलिस की एक विशेष टीम मुंबई पहुंची. पुलिस ने करीब दो दिन तक वहां रहकर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी. फैजान से पूछताछ के बाद पुलिस को दूसरे आरोपी के बारे में जानकारी मिली. इसके आधार पर 24 वर्षीय आमिर हुसैन को 28 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया.
जोधपुर पुलिस ग्रामीण अधीक्षक पंकज यादव ने बताया कि एक पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की जांच साइबर टीम को सौंपी गई. साइबर विशेषज्ञ CI रमेश के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाया और मुंबई पहुंचकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से 30 से अधिक लड़कियों के अश्लील वीडियो मिले हैं, जबकि करीब 200 से अधिक लड़कियों की डिटेल वाली सूची भी बरामद हुई है. इनमें राजस्थान की करीब 10 और मुंबई की करीब 50 लड़कियों की जानकारी शामिल होने की बात सामने आई है.
सैकड़ों लड़कियां निशाने पर थीं
आरोपियों के मोबाइल की जांच में राजस्थान की 10 और मुंबई की 50 से अधिक युवतियों समेत 200 से ज्यादा लड़कियों के डेटा का पता चला है. इस गिरोह के खिलाफ मुंबई के मरीन ड्राइव थाने में भी मामला दर्ज है. पुलिस अब अन्य पीड़ित युवतियों की पहचान कर उनकी काउंसलिंग में जुटी है.
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें शिकायत
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे ऑनलाइन जॉब या वर्क फ्रॉम होम के नाम पर आने वाले विज्ञापनों से सतर्क रहें. किसी भी स्थिति में अपनी निजी तस्वीरें, दस्तावेज या ओटीपी साझा न करें. ब्लैकमेल होने पर घबराने की बजाय तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं.
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