Kishangarh Lawyer Police Dispute: सड़क पर एक गाड़ी खड़ी होने के कारण बात शुरू हुई थी. गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुई बहस इतनी तेजी से बढ़ी कि मामला गरमा गया. राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में एडवोकेट बाबूलाल बागरिया और ट्रैफिक सीओ अंजू यादव के बीच पार्किंग को लेकर बहस हो गई. आरोप है कि इस दौरान महिला अधिकारी ने वकील को थप्पड़ मार दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. घटना के विरोध में वकील किशनगढ़ के मुख्य बाजार में इकट्ठा हो गए.
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इसके बाद आक्रोशित वकीलों ने सड़क पर मानव श्रृंखला बनाई और रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया. इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने मांग रखी कि ट्रैफिक सीओ अंजू यादव को तुरंत पद से बर्खास्त किया जाए. उनका कहना था कि अधिकारी अपनी वर्दी का रौब दिखाकर वकीलों और आम जनता के साथ दुर्व्यवहार करते हैं. इस चक्काजाम की वजह से बाजार में गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं.
मौके पर पहुंची तीन थानों की पुलिस फोर्स
हंगामे और जाम की खबर मिलते ही पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आ गया. स्थिति को संभालने के लिए सीओ सिटी धर्मराज चौधरी के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी वकीलों से बातचीत शुरू की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया. करीब एक से दो घंटे तक सड़क पर ही पुलिस और वकीलों के बीच वार्ता का दौर चलता रहा.
अंजू यादव CO ने रखा अपना पक्ष
दूसरी तरफ ट्रैफिक सीओ अंजू यादव ने इस मामले में अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि एक युवक मुख्य सड़क के बीचों-बीच गाड़ी खड़ी कर खरीदारी करने चला गया था, जिसकी वजह से बाजार में जाम की स्थिति बन रही थी. जब वह युवक लौटा तो पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन हटाने के लिए कहा, जिस पर बहस शुरू हो गई. इसी विवाद के दौरान थप्पड़ मारने का आरोप लगा और स्थिति बिगड़ती चली गई.
महिला अधिकारी के खेद जताने पर शांत हुआ मामला
इस पूरे घटनाक्रम में मोड़ तब आया जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत के दौरान ट्रैफिक सीओ अंजू यादव ने अपनी गलती स्वीकार की. उन्होंने इस पूरे वाकये पर अपना खेद प्रकट किया. अधिकारी के खेद जताने के बाद वकीलों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने चौराहे से जाम हटा दिया. इस तरह लगभग 2 घंटे से चला आ रहा यह गतिरोध खत्म हो गया. हालांकि, इस घटना ने प्रशासनिक संवाद को लेकर कई गंभीर सवाल जरूर छोड़ दिए हैं.
कौन हैं CO अंजू यादव?
'न्यूज 18 हिंदी' वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक, साल 2009 में 21 साल उम्र में उनकी शादी राजस्थान के अलवर जिले के गंडाला गांव में हुई. गांव के पारंपरिक माहौल में पली-बढ़ी होने की वजह से शादी के बाद उन्हें घूंघट प्रथा का पालन करना पड़ा. साल 2012 में उनका बेटा मुकुलदीप हुआ.. घर-परिवार की तमाम जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने की पूरी कोशिश की. लेकिन जब ससुराल से उन्हें अपनी पढ़ाई और करियर के लिए सहयोग नहीं मिला, तो उन्होंने अपने बेटे के बेहतर कल के लिए अपने मायके लौटने का फैसला लिया. वहीं साल 2021 में बीमारी के चलते उनके पति नित्यानंद का अचानक निधन हो गया. इस बड़े हादसे से टूटने के बजाय उन्होंने हिम्मत बांधी और अपने बेटे के लिए एक सिंगल मदर के रूप में खुद को मजबूत बनाने का फैसला किया.
4 सरकारी नौकरियां और फिर RPS बनने की कामयाबी
रिपोर्ट के अनुसार, अपने पैरों पर खड़े होने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की. उनकी दिन-रात की मेहनत रंग लाई और उन्हें एक के बाद एक चार सरकारी नौकरियां मिलीं. साल 2016 में सबसे पहले वे मध्य प्रदेश के भिंड जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय में टीचर बनीं. इसके बाद उन्होंने राजस्थान और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लगभग 5 साल तक बच्चों को पढ़ाया. पढ़ाते-पढ़ाते ही उन्होंने अफसर बनने का सपना देखा और RPSC RAS 2021 की तैयारी में जुट गईं. उनकी कड़ी मेहनत का फल उन्हें मिला और उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में विधवा श्रेणी के तहत 1725वीं रैंक हासिल कर राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) में शानदार जगह बनाई. राजस्थान पुलिस अकादमी में कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे मई 2024 में आधिकारिक तौर पर डिप्टी एसपी बन गईं.
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