Nagaur Congress Dispute: राजस्थान के नागौर नगर परिषद चुनाव में वार्ड संख्या 10 से एक बेहद दिलचस्प और हाई-वोल्टेज सियासी मुकाबला सामने आया है. यहाँ पार्टी का टिकट कटने से नाराज पूर्व सभापति मांगीलाल भाटी बागी हो गए हैं. कांग्रेस द्वारा उनके भांजे प्रवीण सोलंकी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब मामा मांगीलाल भाटी ने भांजे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देवकिशन भाटी को अपना समर्थन दे दिया है.
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जयपुर से टिकट फाइनल होने के बाद हेराफेरी का आरोप
पूर्व सभापति मांगीलाल भाटी ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका टिकट जयपुर से फाइनल होकर आया था, लेकिन जिलाध्यक्ष ने हेराफेरी करके 4 किलोमीटर दूर रहने वाले उनके भांजे प्रवीण सोलंकी को थमा दिया. उन्होंने कहा कि वार्ड में उनका बड़ा परिवार है और 500 वोटों से उनकी गिनती शुरू होती है, जबकि बाहरी प्रत्याशी का वार्ड में एक वोट भी नहीं है.
'भांजा जीता तो राजनीति से ले लूंगा संन्यास'
गुस्साए मांगीलाल भाटी ने ₹500 के स्टाम्प पेपर पर लिखकर देने की खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनका भांजा या कांग्रेस प्रत्याशी इस वार्ड से चुनाव जीत जाता है, तो वे जीवन भर के लिए राजनीति से संन्यास ले लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने जिलाध्यक्ष को भी चुनौती दी कि यदि कांग्रेस हारती है तो जिलाध्यक्ष को अपने पद से इस्तीफा देना होगा.
भांजे का पलटवार: 'सर्वे के आधार पर मिला है टिकट, यह लोकतंत्र का खेल है'
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण सोलंकी का कहना है कि पार्टी ने सर्वे और कार्यकर्ताओं की रायशुमारी के बाद उन्हें चौथी बार उम्मीदवार बनाया है. मामा के आरोपों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति शतरंज के खेल की तरह है जहाँ हार-जीत चलती रहती है. प्रवीण सोलंकी ने दावा किया कि उनके पिता द्वारा वार्ड में कराए गए विकास कार्यों और मूलभूत समस्याओं के समाधान के बल पर जनता उन्हें भारी बहुमत से विजयी बनाएगी.
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