Neemrana Sushila Murder Case: "30 जून 2026... मोबाइल पर एक मैसेज आता है 'मैं अपनी पसंद से शादी कर रही हूं और मैं प्रेग्नेंट भी हूं.' परिवार को लगा कि बेटी ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर ली है. लेकिन उन्हें क्या पता था कि इस मैसेज के पीछे प्यार की नहीं, बल्कि एक खौफनाक कत्ल की दास्तान छिपी है..." राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना की रहने वाली करीब 30 वर्षीय सुशीला की दर्दनाक हत्या ने राजस्थान से लेकर हरियाणा तक सनसनी फैला दी है. जो युवती नई जिंदगी के ख्वाब लेकर अपने घर से निकली थी, वह करीब 2 महीने बाद हरियाणा के झज्जर स्थित एक नहर में बेनाम लावारिस लाश बनकर मिली.
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2 साल से अफेयर और लिव-इन रिलेशन, लेकिन प्रेमी निकला दो बच्चों का बाप
जांच में सामने आया कि नीमराना स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली सुशीला पिछले 2 सालों से संदीप राजपूत नाम के युवक के संपर्क में थी. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और पिछले करीब 4 महीनों से वे नीमराना में एक किराए का मकान लेकर पति-पत्नी (लिव-इन रिलेशनशिप) की तरह रह रहे थे.
हालांकि, सुशीला को इस बात का पूरा अंदाजा नहीं था कि जिस संदीप पर वह भरोसा कर रही है, वह पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं.
30 जून का वो खौफनाक विवाद: डंडे से वार, फिर जंगल में घोंटा गला
पुलिस जांच और आरोपी के कबूलनामे के अनुसार, 30 जून 2026 को किराए के कमरे पर किसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और विवाद हो गया.
विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी संदीप ने गुस्से में आकर कमरे में रखे डंडे से सुशीला के सिर पर जोरदार वार कर दिया. सुशीला लहूलुहान होकर वहीं बेहोश हो गई. इसके बाद कातिल संदीप उसे अपनी निजी कार में डालकर नीमराना के पास के जंगलों में ले गया, जहां उसने गला घोंटकर सुशीला की निर्मम हत्या कर दी.
कार की डिग्गी में लाश रख नीमराना से झज्जर पहुंचा कातिल
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से संदीप ने सुशीला के शव को कार में लादा और राजस्थान की सीमा पार कर हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित सिलानी गांव के पास 'ड्रेन नंबर 8' (नहर) में फेंक दिया और वापस फरार हो गया.
2 जुलाई को झज्जर पुलिस को नहर से एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ. पहचान न होने के कारण पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर 5 जुलाई को शव का लावारिस हाल में अंतिम संस्कार कर दिया.
मैसेज ने घुमाई शक की सुई, 7 दिन की रिमांड पर कातिल
उधर राजस्थान में परिवार सुशीला की लगातार तलाश कर रहा था. 21 अगस्त को सुशीला के मामा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. 30 जून को सुशीला के फोन से आए 'शादी और प्रेगनेंसी' वाले मैसेज और फोन बंद होने के बाद शक की सुई सीधे संदीप राजपूत पर जाकर टिकी. झज्जर पुलिस ने संदीप को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया. पुलिस संदीप को लेकर झज्जर पहुंची और जब अज्ञात लाश की तस्वीरें दिखाई गईं, तो परिजनों ने रोते-बिलखते हुए सुशीला की पहचान की.
झज्जर पुलिस ने आरोपी संदीप राजपूत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस अब मर्डर में इस्तेमाल डंडा, कार और उस मैसेज के सच का पता लगाने में जुटी है कि क्या मैसेज सुशीला ने खुद भेजा था या फिर हत्या के बाद कातिल संदीप ने गुमराह करने के लिए मैसेज टाइप किया था.
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