NEET Paper Leak : नासिक का प्रिंटिंग प्रेस और डॉक्टर का कनेक्शन आया सामने, इधर सचिन पायलट ने शिक्षामंत्री को दे दी इस्तीफे वाली नसीहत

NEET 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया कि कथित गेस पेपर नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से गुरुग्राम के एक डॉक्टर तक पहुंचा और फिर जयपुर-सीकर होते हुए कई राज्यों में फैला. मामले की जांच अब CBI करेगी. इधर मामले में सचिन पायलट ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है.

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NEET 2026 paper leak में आया बड़ा अपडेट.

शरत कुमार

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नीट पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. जयपुर के एक युवक को पकड़ा गया जिसने बताया कि ये पेपर उसने गुरुग्राम के एक डॉक्टर ने खरीदा था. डॉक्टर ने बताया था कि ये उसे ये पेपर नासिक में स्थित प्रिंटिंग प्रेस के आसपास से मिला था. उसने इसे वहां से खरीदा था. नासिक वाले शख्स को राउंडअप कर लिया गया है. जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. ये पूरी जानकारी जांच एजेंसी ने सीबीआई को दे दी है. अब मामले में सीबीआई जांच करेगी. 

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जमुआरामगढ़ के रहने वाले खटीक नाम के शख्स ने गुरुग्राम स्थित एक डॉक्टर से ये कथित गेस पेपर खरीदा था. उसके जरिए ये पेपर जयपुर पहुंचा. वहां से सीकर गया. कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में छात्र-छात्राओं को ये पेपर ये कहकर पढ़ाया गया कि 'पढ़ लो यही आएगा.'  सीकर से ये पेपर जम्मू-कश्मीर पहुंचा. सीकर से ही बिहार और सीकर से ही ये पेपर केरल तक पहुंचा. जैसे ही पेपर की डिमांड बढ़ी तो सीकर वाले ने इसे बेचना शुरू कर दिया. अब इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया है. 

नासिक में छपा था NEET 2026 का पेपर

नासिक के एक प्रिंटिंग प्रेस में नीट 2026 का पेपर छपा था. पेपर चेन सिस्टम के जरिए गुरुग्राम के एक डॉक्टर के पास पहुंचा. बताया जा रहा है कि प्रिंटिंग प्रेस के एक व्यक्ति ने ये पेपर चेन सिस्टम तक पहुंचाया. SOG के सूत्रों की मानें तो पेपर 15 दिन पहले ही लीक हो गया था. ये पूरा मामला एक व्यक्ति और पीजी संचालक के जरिए खुला है. 

पेपर लीक पर क्या बोले सचिन पायलट 

इधर पेपर लीक मामले पर कांग्रेस पार्टी के लीडर और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने इंडिया टुडे ग्रुप की मौसमी सिंह से बातचीत में कहा- 'NTA एजेंसी का ध्यान पेपर लीक रोकने पर था, लेकिन एजेंसी ही फेल हो गई. आप सिर्फ़ जांच का आदेश देते हैं, लेकिन उसका कोई अंत नहीं होता. CBI अपना काम ठीक से नहीं कर रही है. न्यायिक जांच का आदेश दिया जाना चाहिए. यह एक चलन बन गया है कि पेपर लीक होगा, हम उसे रद्द कर देंगे. फिर से परीक्षा करवा लेंगे.'

शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना चाहिए- पायलट 

सचिन पायलट ने कहा- ''शिक्षा मंत्री को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. 22 लाख परिवार अपने बच्चों को पढ़ाते हैं. छात्र मेहनत करते हैं, लेकिन सरकार सिर्फ इंतज़ाम करने में लगी रहती है. क्या वे सरकारें आपके अधीन नहीं हैं? क्या केंद्र सरकार आपके अधीन नहीं है? अब वह 'डबल इंजन' वाली सरकार कहां है? वे कौन से प्रभावशाली लोग हैं जो नहीं चाहते कि इस मामले की जांच हो?
यह सब सरकार की नाक के नीचे हो रहा है. इसका मतलब है कि पेपर लीक करने वाले इन गिरोहों को सबसे ऊंचे स्तर से संरक्षण मिल रहा है. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. उन्हें इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए.''

क्या है NEET पेपर लीक का पूरा मामला? 

3 मई 2026 देश भर में आयोजित हुए NEET परीक्षा में कुल 180 सवाल थे जिनके 720 अंक थे. इसमें 45 फिजिक्स के, 45 केमेस्ट्री के और 90 सवाल बॉटनी+जूलोजी के थे. परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर पेपर सकुर्लेट होने लगा जिसे गेस पेपर कहा गया. ये भी दावा किया गया कि इसी में से सवाल आएंगे. शुरूआती दौर में ये 2-5 लाख रुपए में बेचे गए. जैसे-जैसे परीक्षा की घड़ी नजदीक आई...ये पेपर 30 हजार या इससे कम में भी बेचे गए. बताया जा रहा है कि 180 सवालों में से 140 तो हूबहू थे. इसमें अधिकांश केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवाल मेल खा रहे थे. 

हाथ से लिखे गए थे पेपर, पीजी संचालक ने फोड़ा भांडा

कहानी शुरू हुई सीकर के एक पीजी संचालक से. उसने पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को शिकायत कर दी. शिकायत में बताया कि नीट का पेपर लीक हो गया है और सर्कुलेट हो रहा है. जब एसओजी ने मामले की जांच की तो पता चला कि इस लीक में वो खुद भी शामिल है. माना जा रहा है कि पीजी संचालक पहले इस चेन में शामिल हुआ. फिर उसे डर सताने लगा कि कहीं पोल न खुल जाए. ऐसे में उसने शिकायत कर दी ताकि खुद को 'व्हिसलब्लोअर' दिखाकर इस मामले में साफ रह सके. ध्यान देने वाली बात है कि पेपर लिखित रूप में है न कि प्रिंटिंग के रूप में. अब जांच एजेंसी हैंडराइटिंग की भी जांच कर रही है. 

परीक्षा रद्द अब आगे क्या? 

फिलहाल नीट 2026 की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. उधर पेपर लीक और रद्द होने के बाद दिल्ली स्थित NTA के दफ्तर के बाहर NSUI का विरोध प्रदर्शन हो रहा है. जल्द ही परीक्षा की नई तारीख की घोषणा होगी. मामले में दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. नए एडमिट कार्ड जारी होंगे. 

रिफंड होगी फीस- NTA

इधर NTA ने कहा है कि छात्र-छात्राओं को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी. जो फीस इस एग्जाम के लिए स्टूडेंट्स दे चुके हैं उसे वापस किया जाएगा और NTA अपनेआंतरिक संसाधनों से इस एग्जाम को दोबारा कंडक्ट करेगा. परीक्षा सेंटर भी वही रहेंगे. 

मई 2026 सत्र के लिए किए गए रजिस्ट्रेशन डेटा, उम्मीदवारों की पात्रता (candidature) और चुने गए परीक्षा केंद्रों को पुनर्परीक्षा के लिए आगे भी मान्य रखा जाएगा। किसी नए रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होगी और कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इसके अलावा, परीक्षा की तारीख, दोबारा जारी होने वाले एडमिट कार्ड के शेड्यूल सहित आगे की सभी जानकारियां एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएंगी. 

पेपर लीक और दोबरा एग्जाम से स्टूडेंट्स होंगे प्रभावित

लंबे समय की तैयारी के बाद छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी है. एक तरफ जहां उन्हें रिजल्ट का इंतजार था वहीं पेपर लीक होने से उनके मनोबल पर भी असर पड़ता है. ऐसे गतिविधियों से केवल स्टूडेंट्स ही नहीं बल्कि उनके परिवार वाले भी प्रभावित होते हैं. परीक्षा की लेट लतीफी से रिजल्ट भी देरी से आएगा. काउंसिलिंग शेड्यूल भी आगे बढ़ेगा. 

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