NEET Exam 2026 News: नीट 2026 परीक्षा को लेकर राजस्थान से जो खुलासा हुआ है उसने देशभर के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता की रातों की नींद उड़ा दी है. राजस्थान एसओजी (SOG) की जांच में ऐसी कड़ियां जुड़ रही हैं जो सीधे तौर पर एक बड़े पेपर लीक नेटवर्क की तरफ इशारा कर रही हैं.
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केरल से चला 'गेस पेपर' का खेल
जांच की सुई अब राजस्थान से निकलकर दक्षिण भारत के राज्य केरल तक जा पहुंची है. बताया जा रहा है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड चूरू का एक युवक हो सकता है जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है. आरोप है कि उसने 1 मई को यानी परीक्षा से दो दिन पहले एक 'क्वेश्चन बैंक' सीकर में अपने किसी दोस्त को भेजा था. वहां से यह पर्चा एक पीजी (PG) संचालक के पास पहुंचा और देखते ही देखते वॉट्सएप के जरिए आग की तरह फैल गया.
महज इत्तेफाक या सोची-समझी साजिश?
आमतौर पर किसी भी गेस पेपर से 5-10 सवाल मिल जाना आम बात है, लेकिन यहां मामला कुछ और ही है. परीक्षा के कुल 720 अंकों में से करीब 600 नंबर के सवाल हूबहू उस कथित गेस पेपर से मिले हैं. इसके अलावा 180 में से लगभग 140 सवाल वैसे ही थे जैसे छात्रों को परीक्षा से पहले मिले थे.
चौंकाने वाली बात ये है कि सवालों के जवाबों का क्रम यानी ऑप्शन्स भी बिल्कुल वैसा ही था जैसा असली पेपर में आया.
पहले 5 लाख, फिर 30 हजार
सूत्रों के मुताबिक इस पेपर की मार्केट वैल्यू भी समय के साथ बदलती रही. शुरुआत में यह गेस पेपर 2 से 5 लाख रुपये में बेचा जा रहा था लेकिन जैसे-जैसे परीक्षा की घड़ी नजदीक आई और पेपर ज्यादा लोगों के पास पहुंचा, इसकी कीमत गिरकर मात्र 30 हजार रुपये रह गई. एसओजी को कई मोबाइल फोन में 'Forwarded Many Times' के टैग मिले हैं जिसका मतलब है कि यह पेपर किसी एक या दो नहीं बल्कि सैकड़ों-हजारों हाथों तक पहुंच चुका था.
खुद शिकायत कर फंस गया पीजी संचालक
इस पूरी कहानी में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब सीकर के एक पीजी संचालक ने खुद पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को शिकायत दी. उसने दावा किया कि पेपर लीक हुआ है लेकिन जब एसओजी ने बारीकी से जांच की तो पता चला कि वह संचालक खुद इस चेन का हिस्सा था. उसने परीक्षा से पहले खुद भी वह पेपर कई लोगों को भेजा था. पुलिस को शक है कि पकड़े जाने के डर से उसने खुद को 'व्हिसलब्लोअर' (जानकारी देने वाला) दिखाने के लिए शिकायत की थी.
अब आगे क्या?
फिलहाल राजस्थान एसओजी की टीम हाथ से लिखे उन सवालों और उनकी हैंडराइटिंग की जांच कर रही है. अब सबकी नजरें NTA के फैसले पर टिकी हैं. सवाल यह है कि क्या इतने बड़े खुलासे के बाद परीक्षा रद्द होगी या फिर सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करके मामला शांत कर दिया जाएगा? लाखों छात्रों का भविष्य फिलहाल अधर में लटका हुआ है और जांच एजेंसियां केरल से लेकर राजस्थान तक फैले इस मकड़जाल को सुलझाने में जुटी हैं.
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