Sachin Pilot on NEET Exam Cancelled: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है. परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने यह कड़ा कदम उठाया है. अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है. इस बीच इस मामले में विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस मुद्दे पर हमारे सहयोगी 'आज तक' से बात की है.
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NEET 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट ने केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार पर तीखा हमला बोला है. पायलट ने कहा कि सरकार ने मजबूरी में इस परीक्षा को कैंसिल किया है, लेकिन उन 24 लाख मासूम बच्चों का क्या, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर यह परीक्षा दी थी? उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों का जो समय, पैसा और सबसे बढ़कर जो जज्बात इस परीक्षा से जुड़े थे, उसका हिसाब कौन देगा?
डबल इंजन सरकार पर पायलट का प्रहार
सचिन पायलट ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र और राजस्थान-महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भाजपा की सरकार है, फिर भी पेपर लीक रोकने में 'डबल इंजन' पूरी तरह फेल साबित हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि नासिक और हरियाणा से जुड़े इस पेपर लीक कांड में बहुत शक्तिशाली लोग शामिल हैं, इसीलिए जांच को भटकाने की कोशिश की जा रही है. पायलट के अनुसार, राजस्थान में 45 लोगों को डिटेन करने के बाद भी फॉर्मली अरेस्ट न करना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं ऊपर से दबाव काम कर रहा है.
सीबीआई नहीं, जुडिशियल प्रोब की मांग
पायलट ने सीबीआई जांच को 'समय बर्बाद' करने वाला कदम बताया. उन्होंने कहा कि सीबीआई का इस्तेमाल तो केवल विपक्ष का मुंह बंद करने और विपक्षी नेताओं पर छापे डालने के लिए किया जाता है. उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की 'टाइम बाउंड जुडिशियल प्रोब' यानी न्यायिक जांच होनी चाहिए, जो सरकार के नियंत्रण से बाहर हो. उनके मुताबिक, 30 से 60 दिनों के भीतर रिपोर्ट आनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिले और युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास फिर से कायम हो सके.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सचिन पायलट ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा कि 12 साल से सत्ता में रहने के बाद भी अगर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसी संस्थाएं कोलैप्स कर रही हैं, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए. पायलट ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार केवल 'हेडलाइन मैनेजमेंट' में जुटी है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि बड़ी मछलियों को बचाने के लिए जांच में देरी की जा रही है. अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो देश के नौजवानों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा.
क्या है NEET पेपर लीक मामला?
दरअसल, 3 मई 2026 को हुई नीट यूजी परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगने के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी है. राजस्थान पुलिस की SOG जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले सिकर में एक ‘गेस पेपर’ (लगभग 410 सवालों वाला) व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर घूम रहा था, जिसमें से 120-140 सवाल असली पेपर से हूबहू मैच कर रहे थे. इसमें कुल 600 मार्क्स तक के सवाल सेम बताए जा रहे हैं. इसके चलते NTA ने परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम कराने का फैसला लिया है. हालंकि, अभी नई तारीख का ऐलान नहीं किया है. वहीं मामले की CBI जांच सौंपी गई है.
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