राजस्थान: 24 साल में बने IPS, 37 साल में दे दिया इस्‍तीफा, जानें IIT कानपुर से पढ़ाई कर सेवा में आने जगमोहन मीणा ने क्यों छोड़ी नौकरी?

न्यूज तक डेस्क

• 04:04 PM • 10 Jul 2026

ओडिशा कैडर के 2013 बैच के काबिल और गैलंट्री मेडल विजेता आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में आईआईटी कानपुर से पढ़े जगमोहन मीना ने इस कदम को उठाने के पीछे की वजह बताई.

जगमौहन मीणा
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ओडिशा कैडर के 2013 बैच के जांबाज IPS अधिकारी और भुवनेश्वर के मौजूदा डीसीपी (DCP) जगमोहन मीना ने अपने पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है. लगभग 13 साल तक खाकी की लाज रखने और राज्य की सेवा करने के बाद महकमे के इस 37 साल के युवा अफसर के अचानक लिए फैसले से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.

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जैसे ही DCP जगमोहन मीना के इस्तीफे की खबर मीडिया में आई तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे. इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए खुद आईपीएस जगमोहन मीना ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने करीब एक महीना पहले ही अपना इस्तीफा सरकार को भेज दिया था जो अभी प्रशासनिक प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है. अपने फैसले को लेकर उन्होंने साफ किया कि यह कोई जल्दबाजी या गुस्से में उठाया गया कदम नहीं है.  जगमोहन मीना ने कहा:

"मैंने यह फैसला अपने परिवार और बहुत करीबी दोस्तों के साथ लंबी बातचीत और सोच-विचार के बाद लिया है. मेरे ऊपर किसी भी तरह का बाहरी या राजनीतिक दबाव नहीं है. यह पूरी तरह से मेरा व्यक्तिगत फैसला है और मैं चाहता हूं कि लोग मेरी प्राइवेसी का सम्मान करें."

उन्होंने ओडिशा की जनता और सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से उन्हें यहाँ के लोगों की सेवा करने का जो सौभाग्य मिला, उसके लिए वे जीवनभर आभारी रहेंगे.

IIT कानपुर से की पढ़ाई

मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले जगमोहन मीना की गिनती ओडिशा के सबसे काबिल और पढ़े-लिखे अफसरों में होती है. देश सेवा में आने से पहले उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा मुकाम हासिल किया था. उन्होंने देश के टॉप संस्थान IIT कानपुर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की डिग्रियां ली थीं. आईपीएस बनने के बाद अपनी 13 साल की सर्विस में उन्होंने कटक और भुवनेश्वर के डीसीपी जैसी भारी-भरकम जिम्मेदारियां संभालीं. इसके अलावा वे अंगुल, गंजम और धुर माओवाद प्रभावित जिले मल्कानगिरी में बतौर एसपी तैनात रहे.

वीरता के लिए मिल चुके हैं बड़े सम्मान

जगमोहन मीना  को गैलंट्री में साल 2019 में मल्कानगिरी के SP रहते हुए उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े और सफल ऑपरेशन चलाए, जिसके लिए उन्हें 'पुलिस मेडल फॉर गैलंट्री' से नवाजा गया. इसके अलावा आंतरिक सुरक्षा में बेहतरीन काम के लिए उन्हें 2021 में इस सम्मान से नवाजा गया. वहीं साल 2023 में उन्हें राज्यपाल की तरफ से भी विशेष पदक दिया गया था.

अब आगे क्या करेंगे देश के यह पूर्व जांबाज अफसर?

इतनी शानदार प्रोफाइल और वीरता के पदक जीतने वाले जगमोहन मीना खाकी छोड़ अब आगे क्या करेंगे? इस सवाल का जवाब अभी उन्होंने पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया है. हालांकि, कयासों और प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो सरकार से इस्तीफा मंजूर होने के बाद वे कॉर्पोरेट सेक्टर (प्राइवेट दुनिया) में किसी बड़े पद पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं या फिर अपने फैमिली बिजनेस में हाथ बंटा सकते हैं.

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