भंवरी देवी हत्याकांड: 28 दिन से पुलिस के हाथ खाली, अब मां को न्याय दिलाने के लिए बेटी सोनू ने ली ये शपथ

नरेश बिश्नोई

25 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 25 2026 5:15 PM)

Bhanwari Devi Murder Case: राजस्थान के फलोदी जिले में हुए बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड को 28 दिन से अधिक बीत जाने के बाद भी पुलिस कातिलों को नहीं पकड़ पाई है. एसआईटी जांच और 300 से अधिक लोगों से पूछताछ के बावजूद मामला ब्लाइंड मर्डर बना हुआ है. बिश्नोई समाज और पूर्व विधायक ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए जयपुर कूच की चेतावनी दी है.

 भंवरी देवी हत्याकांड में 28 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली 
 भंवरी देवी हत्याकांड में 28 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली 
Google CTA

Phalodi Bhanwari Devi Murder Case Update: राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावट इलाके में हुए चर्चित भंवरी देवी हत्याकांड को 28 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. लेकिन इतना वक्त बीतने के बाद भी पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा नहीं पाई है. मामले में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से बिश्नोई समाज और स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है. पुलिस की कार्रवाई और जांच में हो रही देरी को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. 

Read more!

300 लोगों से पूछताछ, फिर भी पुलिस के हाथ खाली

घटना के बाद चौतरफा दबाव को देखते हुए राजस्थान सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. एसआईटी प्रमुख डीआईजी देवेंद्र बिश्नोई ने इस हत्याकांड को बेहद जटिल और 'ब्लाइंड मर्डर' करार दिया है. पुलिस अब तक 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है.

भंवरी देवी के जेठ हेतराम बिश्नोई की दो पुत्रियां अभी भी पुलिस कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ जारी है. हालांकि, ग्रामीण और परिजन सवाल उठा रहे हैं कि अगर पुलिस असली कातिलों तक नहीं पहुंच पा रही है, तो करीब 25 दिनों से इन लड़कियों को कस्टडी में रखने का क्या औचित्य है?

पूर्व विधायक कृष्णाराम बिश्नोई सहित 14 लोगों पर केस

घटना के शुरुआती दिनों में जब ग्रामीणों ने धरना दिया था, तब फलोदी के कलेक्टर और एसपी ने लिखित में आश्वासन दिया था कि 99% केस सुलझ चुका है और 5 दिन के भीतर आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा. लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पूर्व विधायक कृष्णाराम बिश्नोई के नेतृत्व में हजारों लोगों ने फलोदी जिला मुख्यालय का घेराव किया.

प्रशासन ने उल्टा आंदोलन दबाने के लिए पूर्व विधायक कृष्णाराम बिश्नोई और 14 अन्य लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कर दिया.

बेटियों का छलका दर्द, मासूम सोनू ने ली कठोर शपथ

हत्याकांड के दौरान घायल हुई भंवरी देवी की बड़ी बेटी रामज्योति अस्पताल से डिस्चार्ज होकर धरना स्थल पर पहुंची. मां को न्याय दिलाने के लिए बैठे लोगों के बीच जब रामज्योति पहुंची तो वह भावुक होकर रो पड़ी. वहां मौजूद पूर्व विधायक और ग्रामीणों ने उसे ढांढस बंधाया.

वहीं, भंवरी देवी की छोटी बेटी सोनू की स्कूल से बेहद भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई है. अपनी मां की बेदर्दी से हुई हत्या और न्याय न मिलने से दुखी मासूम सोनू ने शपथ ली है कि जब तक उसकी मां के हत्यारे पकड़े नहीं जाते और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक वह नंगे पैर रहेगी और किसी भी तरह का मीठा नहीं खाएगी.

बड़े नेताओं पर कातिलों को बचाने का आरोप

लोहावट और फलोदी के लोग अब दबी जुबान में आरोप लगा रहे हैं कि इस हत्याकांड में सरकार और सत्ता से जुड़े कुछ बड़े रसूखदार लोगों का हाथ हो सकता है, जिन्हें बचाने के लिए पुलिस जांच को ढील दे रही है.

पूर्व विधायक कृष्णाराम बिश्नोई और परिजनों ने मांग की है कि यदि एसआईटी से यह केस नहीं सुलझ रहा है, तो राज्य सरकार को इसे तुरंत सीबीआई (CBI) को सौंप देना चाहिए. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कातिलों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बिश्नोई समाज और स्थानीय लोग जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे.

यह भी पढ़ें: 10 दिन, zero गिरफ्तारी! फलौदी में भंवरी देवी के कातिल कौन? 50 लोगों के साथ आमरण अनशन पर बैठे पूर्व विधायक