Prem Baisa Death Case: साध्वी को इंजेक्शन देने वाले कंपाउंडर का बड़ा खुलासा, बताया उस रात कौन सी दवा दी और पर्चे पर क्या लिखा था

Prem Baisa injection mystery: राजस्थान की चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मौत से पहले इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित ने बताया कि उस रात कौन-सी दवाएं दी गई थीं और पर्चे पर क्या लिखा था. डेक्सोना और डायनापार इंजेक्शन दिए जाने, 20 मिनट बाद तबीयत बिगड़ने और SIT जांच से जुड़े पूरे घटनाक्रम की पूरी जानकारी पढ़ें.

Prem Baisa compounder statement
साध्वी को इंजेक्शन देने वाले कंपाउंडर ने बताई पूरी बात

अशोक शर्मा

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साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल उस इंजेक्शन पर टिका है, जो उनकी मौत से चंद मिनट पहले दिया गया था. राजस्थान तक ने उस कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित से खास बातचीत की है, जिसने 28 जनवरी की रात साध्वी को इंजेक्शन लगाया था. जांच के घेरे में आए कंपाउंडर ने उस रात के पूरे घटनाक्रम और दी गई दवाओं का ब्यौरा दिया है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.

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'पर्चे पर लिखी दवा ही दी, अपने मन से कुछ नहीं लगाया'

कंपाउंडर देवी सिंह ने बताया कि उसे आश्रम से फोन आया था कि बाईसा की तबीयत खराब है, उन्हें बुखार और जुकाम है. देवी सिंह के मुताबिक, 'मैं वहां गया, उनकी तबीयत सुस्त थी. उन्होंने खुद कहा कि मुझे इंजेक्शन लगा दो. मैंने वही इंजेक्शन लगाए जो उनके पर्चे में पहले से लिखे हुए थे. मैंने 2007 से इस पेशे में हूं और अपने मन से कोई दवा नहीं दी.'

कौन से दो इंजेक्शन दिए गए?

रिपोर्ट के अनुसार, कंपाउंडर ने साध्वी को दो इंजेक्शन लगाए थे:

डेक्सोना (Dexamethasone): यह एक स्टेरॉयड है जो सूजन और एलर्जी को कम करने के लिए दिया जाता है.

डायनापार (Dynapar): यह एक शक्तिशाली दर्द निवारक (Painkiller) है, जो तेज दर्द और जकड़न में काम आता है.

हालांकि, ये दोनों ही दवाएं डॉक्टर की सीधी देखरेख में दी जानी चाहिए. देवी सिंह का दावा है कि इन इंजेक्शनों से इतनी जल्दी मौत होना संभव नहीं है.

20 मिनट बाद आया फोन- 'तबीयत बिगड़ गई है'

देवी सिंह ने बताया कि इंजेक्शन लगाने के बाद वह करीब 4-5 मिनट वहां रुका और फिर घर चला गया. घर पहुंचने के लगभग 20-25 मिनट बाद उसे फोन आया कि साध्वी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है. इसके बाद अस्पताल से कोई अपडेट नहीं मिला और बाद में उनकी मौत की खबर आई.

SIT के घेरे में कंपाउंडर

देवी सिंह राजपुरोहित जोधपुर के एक सरकारी अस्पताल में तैनात है और साध्वी के पिता वीरमनाथ का काफी भरोसेमंद माना जाता है. वह पहले भी कई बार आश्रम में दवाएं और इंजेक्शन देने जा चुका है. फिलहाल, मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने देवी सिंह से पूछताछ की है और उसे सवालों की एक लंबी लिस्ट थमा दी है, जिसका जवाब उसे देना होगा.

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