Prem Baisa Death Mystery: 'मैं रहूं या न रहूं, मेरी कीर्ति याद रहेगी...', मौत से पहले साध्वी ने दिए थे संकेत; दादा गुरु का बड़ा दावा
Prem Baisa Death Mystery: राजस्थान की चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर नया खुलासा सामने आया है. दादा गुरु मोटनाथ जी ने दावा किया कि साध्वी को अपनी मौत का आभास पहले ही हो गया था. कथा के दौरान दिए गए अंतिम संकेत, सीसीटीवी विवाद, इंजेक्शन और साजिश की आशंका पर जानिए पूरा मामला विस्तार से.

राजस्थान की चर्चित आध्यात्मिक गुरु साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है, लेकिन उनके करीबियों और गुरुओं की ओर से आ रहे बयान इस मामले में नए खुलासे कर रहे हैं. कंपाउंडर और वीरम नाथ के बयान के बाद अब प्रेम बाईसा के दादा गुरु मोटनाथ जी ने एक बड़ा दावा किया है कि साध्वी को शायद अपनी मौत का आभास पहले ही हो गया था. उनके इस खुलासे ने केस को फिर एक नया ही मोड़ दे दिया है. आइए विस्तार से जानते है दादा गुरु ने क्या-कुछ कहा है.
'मैं कल रहूं न रहूं...'- अंतिम संदेश
मोटनाथ जी ने बताया कि अजमेर में अपनी एक कथा के दौरान प्रेम बाईसा ने भावुक होते हुए कहा था, 'मैं कल रहूं या न रहूं, लेकिन मेरी कीर्ति हमेशा याद रहेगी और दुनिया उसे याद करेगी.' उनके गुरु का मानना है कि साध्वी ने अपनी मृत्यु से पहले ही ऐसे संकेत दिए थे जो अब उनकी विदाई के बाद सच साबित हो रहे हैं.
सीसीटीवी विवाद और पिता-पुत्री के रिश्तों पर सफाई
सोशल मीडिया पर वायरल एक पुराने सीसीटीवी वीडियो, जिसमें साध्वी अपने पिता के गले लगती दिख रही हैं, उस पर मोटनाथ जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह वीडियो 2021 का है और इसे गलत तरीके से पेश किया गया है. उन्होंने सवाल उठाने वालों को नसीहत दी कि, 'शहरों में और आज के दौर में खुशी के पल में बेटी का पिता के गले मिलना सामान्य है. जो लोग संतों और पिता-पुत्री के रिश्तों पर लांछन लगा रहे हैं, उन्हें भगवान कभी माफ नहीं करेगा.'
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मौत वाली रात क्या हुआ था?
मोटनाथ जी ने घटना वाली रात का ब्यौरा देते हुए बताया कि साध्वी के पिता विरामनाथ जी का उनके पास शाम 6 बजे फोन आया था. उन्होंने बताया कि साध्वी को गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ थी, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया था. मोटनाथ जी ने खुद पुलिस के साथ पूरी रात आश्रम की जांच करवाई. उन्होंने बताया कि आश्रम में कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली, सिर्फ कंपाउंडर द्वारा दी गई दवाइयां और इंजेक्शन के साक्ष्य मिले थे.
'पवित्र जीवन' और षड्यंत्र की आशंका
दादा गुरु ने प्रेम बाईसा के जीवन को अत्यंत पवित्र बताया और कहा कि वह भगवान कृष्ण की परम भक्त थीं. उन्होंने संदेह जताया कि जिस तरह से उन्हें सोशल मीडिया पर टॉर्चर किया गया और फिर अचानक इंजेक्शन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, यह गहन जांच का विषय है.
संतों की चेतावनी और आगे का कदम
समाधि स्थल पर जुटे साधु-संतों ने साफ कर दिया है कि वे अभी पुलिस की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. मोटनाथ जी ने कहा कि यदि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के भेदभाव या षड्यंत्र की पुष्टि होती है, तो समस्त साधु-संत समाज मिलकर बड़ा फैसला लेगा. उन्होंने जनप्रतिनिधियों और सरकार से इस मामले में निष्पक्ष न्याय की मांग की है.










