राजस्थान की चर्चित गुरु साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है. इस मामले में पहली बार साध्वी के गुरु और पिता समान वीरमनाथ जी ने चुप्पी तोड़ी है. राजस्थान तक को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने न केवल मौत के पीछे एक बड़े 'षड्यंत्र' की आशंका जताई, बल्कि सोशल मीडिया पर उनके और साध्वी के रिश्तों को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी करारा जवाब दिया है. आइए जानते हैं उन्होंने क्या-कुछ कहा.
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'बड़ा षड्यंत्र था, वह हिम्मत हारने वाली नहीं थी'
वीरमनाथ जी ने कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा के साथ जो कुछ भी हुआ, उसके पीछे एक गहरा षड्यंत्र है. उन्होंने बताया कि वह कई साजिशों से लड़ रही थीं, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी. वह हर परिस्थिति में अग्नि परीक्षा देने के लिए तैयार थीं और इसके लिए उन्होंने शंकराचार्यों से भी निवेदन किया था. उन्होंने बताया कि मौत से पहले अस्पताल में उनके नाखून काले पड़ते दिखे थे, जो किसी इंजेक्शन के रिएक्शन या साजिश की ओर इशारा करते हैं.
पिता-पुत्री के रिश्तों पर सवाल उठाने वालों को जवाब
सोशल मीडिया पर वायरल एक सीसीटीवी फुटेज, जिसमें साध्वी और वीरमनाथ जी साथ दिख रहे हैं, उस पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की. वीरमनाथ जी ने कहा, 'जिन्होंने सवाल खड़े किए, वे अपनी मानसिकता दिखा रहे हैं. उस वीडियो को काटकर बदनाम करने की कोशिश की गई है. अगर एक बेटी का अपने पिता के गले मिलना अपराध है, तो दुनिया में जीना ही बेकार है.' उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रेम बाईसा को मां, भाई, बहन और गुरु, हर तरह का प्रेम और सहारा दिया था.
'पोस्टमार्टम मेरी भी इच्छा थी'
पोस्टमार्टम को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे खुद चाहते थे कि पोस्टमार्टम हो और इसके लिए उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बात भी की थी. उन्होंने बताया कि पुलिस अब मामले की बारीकी से जांच कर रही है और उन्हें पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है. कल पुलिस ने उनकी मौजूदगी में आश्रम की सघन तलाशी भी ली और जरूरी दस्तावेज व मोबाइल जब्त किए हैं.
अन्न-जल त्याग कर न्याय की गुहार
साध्वी की मौत के बाद वीरमनाथ जी ने तीन दिनों तक जल त्यागा था और अब तक अन्न भी नहीं ग्रहण किया था. आज श्रद्धांजलि सभा के दौरान संतों के दबाव में उन्होंने दूध पीकर अपना अनशन तोड़ा. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'मेरे जीवन में इस क्षति की पूर्ति कभी नहीं हो पाएगी. मैं उसे न्याय दिलाने के लिए आखिरी दम तक लड़ूंगा.'
कंपाउंडर की भूमिका पर शक
उन्होंने मौत के तुरंत पहले दिए गए इंजेक्शन पर सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि कंपाउंडर के इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी. अब यह जांच का विषय है कि वह इंजेक्शन गलत था, एक्सपायरी डेट का था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी.
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