राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के पुराने विवाद को बीजेपी ने हवा दे दी है. BJP के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल के एक बयान ने राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हलचल मचा दी है. एक तरफ राजस्थान कांग्रेस के नेता इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया ही नहीं दे रहे बल्कि उनसे माफी मांगने की मांग कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी पायलट को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है.
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पहले जान लेते हैं राधा मोहन दास राधा मोहन दास अग्रवाल ने सचिन पायलट को लेकर क्या कहा? दरअसल 27 अप्रैल को टोंक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत समारोह के मौके पर BJP के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि ''पायलट टोंक के स्थानीय विधायक हैं और वे बहुरूपिया हैं. उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है और दूसरी न जाने कहां रहती है...'' राधा मोहन यहीं नहीं रुके. उन्होंने ये भी कह दिया कि पायलट उत्तर प्रदेश के भगोड़ा जिन्हें यहां लोगों ने सिर पर बैठा लिया है.'' राधा मोहन ने आगे कहा- जो व्यक्ति अपनी पार्टी का नहीं हुआ..अपने मुख्यमंत्री का नहीं हुआ वो टोंक की जनता का क्या होगा.''
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गहलोत बोले- उनकी दोनों टांगें कांग्रेस में
इधर राधा मोहन के बयान पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पलटवार किया है. मंगलवार को जयपुर एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय जब अशोक गहलोत से पत्रकारों ने सवाल किया तब उन्होंने कहा- ''ये बार-बार भजनलाल जी और मदन राठौड़ बोलते हैं हमारे ऊपर...वे चाहते हैं कि मैं सचिन पायलट का नाम लूं कि ये मानेसर गए थे...ताकि हमारी लड़ाइयां हो शुरू हो जाएं. इन लोगों ने (BJP) पहले हमारे लोगों को गुमराह करके मानेसर ले गए. सचिन पायलट जी को तो अब अनुभव हो गया है कि गलती करने के क्या अंजाम होते हैं. इनकी दोनों टागें अब कांग्रेस में ही हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि वे अब हमें छोड़कर नहीं जाएंगे. हमारी पूरी पार्टी उनके साथ एकजुट है.''
पलटवार में भी पायलट पर तंज?
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भले ही बीजेपी राजस्थान प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल के बयानों पर पलटवार किया पर भजनलाल शर्मा और मदन राठौड़ का नाम लेते हुए उन्होंने एक बार फिर मानेसर कांड का जिक्र कर सचिन पायलट को कहीं न कहीं घेर लिया है. साथ ही उन्होंने इस बात का भी इशारा कर दिया है कि मानेसर कांड और पायलट का जिक्र करते हुए इनके बीच लड़ाइयां शुरू हो जाती हैं. उन्होंने इस बात की तरफ भी इशारा कर दिया कि पायलट को बीजेपी ने गुमराह कर दिया था. यहां अशोक गहलोत चित भी मेरी और पट भी...वाले तर्ज पर बोले गए मेरी, मैं तो पायलट का नाम लेना ही नहीं चाहता, लेकिन ये बीजेपी वाले मुझे मजबूर करते हैं कि जब मानेसर का जिक्र हो तो मैं पायलट का नाम लूं.
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