जांच कमेटी में भी बैठे थे 'चोर'! राजस्थान भर्ती घोटाले में SOG का बड़ा खुलासा, टेक्निकल हेड समेत 5 दबोचे गए

Rajasthan recruitment scam: राजस्थान भर्ती घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. SOG की जांच में सामने आया कि 2018 की भर्ती परीक्षाओं में OMR शीट के साथ फोटोशॉप के जरिए बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई. 63 नंबर लाने वाले अभ्यर्थी को 182 नंबर तक दे दिए गए. इस फर्जीवाड़े में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के टेक्निकल हेड समेत 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.

Rajasthan job exam scam
राजस्थान भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा

आंचल गुप्ता

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राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ किस कदर खिलवाड़ किया गया, इसका एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की 2018 की भर्ती परीक्षाओं में हुए बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. इस मामले में बोर्ड के टेक्निकल हेड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आइए जानते हैं किन-किन परीक्षाओं में हुई थी धांधली से लेकर फर्जीवाड़ा का पूरा खेल.

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इन तीन भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली

SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के मुताबिक, साल 2018 की तीन प्रमुख परीक्षाओं के परिणामों में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई थी:

महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा 2018

प्रयोगशाला सहायक (Lab Assistant) भर्ती परीक्षा 2018

कृषि पर्यवेक्षक (Agriculture Supervisor) भर्ती परीक्षा 2018

इन परीक्षाओं के जरिए 3212 पदों पर भर्ती होनी थी, जिसके लिए 9 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. 

फोटोशॉप के जरिए बढ़ा दिए गए नंबर

जांच में सामने आया है कि परीक्षा परिणाम तैयार करने वाली आउटसोर्स कंपनी 'राभव लिमिटेड' के कर्मचारियों ने माफियाओं के साथ मिलकर ओएमआर शीट (OMR Sheet) में हेराफेरी की. जो अभ्यर्थी कम नंबर ला रहे थे, उनकी स्कैन की गई ओएमआर शीट में फोटोशॉप के जरिए गोलों (सर्कल्स) को काला कर दिया गया. उदाहरण के तौर पर, जिस अभ्यर्थी को केवल 63 नंबर मिलने चाहिए थे, उसके नंबर बढ़ाकर 182 कर दिए गए. कुछ मामलों में तो -6 नंबर लाने वाले को 259 नंबर तक दे दिए गए.

बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत

हैरानी की बात यह है कि इस धांधली में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के असिस्टेंट प्रोग्रामर संजय माथुर और प्रोग्रामर मिस्टर गंगवार की सीधी संलिप्तता पाई गई है. संजय माथुर ही बोर्ड के पूरे टेक्निकल काम को देखते थे. इतना ही नहीं, जब इन गड़बड़ियों की शिकायत हुई, तो जो जांच कमेटी बनाई गई, ये दोनों अधिकारी उसी कमेटी के सदस्य भी थे. यानी चोरी की जांच चोरों को ही सौंप दी गई थी.

38 अभ्यर्थियों का डेटा आया सामने

SOG ने अब तक 38 ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की है जिनके नंबर फर्जी तरीके से बढ़ाए गए थे. जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है. आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं और कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. SOG के नए एडीजी विशाल बंसल ने साफ कर दिया है कि बेईमानों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इस खुलासे ने राजस्थान के भर्ती सिस्टम की साख पर गहरा बट्टा लगाया है और उन लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो दिन-रात ईमानदारी से तैयारी करते हैं.

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