CJP Challenge Madan Dilawar: राजस्थान में इन दिनों सरकारी स्कूल सिर्फ बच्चों की पढ़ाई का केंद्र नहीं रहे, बल्कि एक बड़े राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो चुके हैं. एक तरफ राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और प्रदेश सरकार पीएम श्री जैसी केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना के तहत चमकते मॉडल स्कूलों की तस्वीर पेश कर रही है, तो दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) राजस्थान के सरकारी स्कूलों की बदहाल जमीनी हकीकत उजागर करने के लिए अभियान चला रही है.
अब यह विवाद महज बयानों तक सीमित नहीं रहा है, क्योंकि CJP द्वारा शिक्षा मंत्री को दिए गए एक खुले चैलेंज के बाद पीएम श्री स्कूलों के वीडियो और रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
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"अपने 10 सबसे बेहतरीन स्कूल दिखाइए"-CJP का सीधा चैलेंज
पूरा मामला तब गर्माया जब 19 अगस्त को CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को सीधा चैलेंज दे दिया. उन्होंने कहा कि 'दिलावर साहब, आप अपने कार्यकाल के दौरान विकसित किए गए राज्य के 10 सबसे बेहतरीन स्कूल हमें दिखाइए, हमारी टीम खुद वहां जाकर निरीक्षण करेगी.'
इस चुनौती के बाद अब CJP की टीम उन्हीं चुनिंदा और पीएम श्री स्कूलों के वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर रही है. मुकाबला अब नेताओं के भाषणों से हटकर कैमरे की ग्राउंड रिपोर्ट्स पर आ टिका है.
थानागाजी में छत गिरी, जयपुर में तबेले में चला स्कूल:
CJP के 'स्कूल ठीक करो अभियान' की शुरुआत के बाद कई चौंकाने वाले मामले सामने आए:
- अलवर का थानागाजी क्षेत्र: यहां जर्जर स्कूल भवन को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद सीजेपी टीम पहुंची थी, जहां स्कूल की छत का एक हिस्सा गिर गया.
- जयपुर का तबेला स्कूल: जयपुर में एक सरकारी स्कूल कथित तौर पर तबेले में चलता पाया गया. सीजेपी टीम जब वहां पहुंची, तो स्थानीय लोगों व असामाजिक तत्वों द्वारा टीम के साथ मारपीट और हाथापाई की बात सामने आई.
- इसके बाद सीजेपी ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम तक दे दिया.
स्कूलों में बाहरी फोटोग्राफी पर सरकार का बैन, भड़का विपक्ष
विवाद बढ़ने के बाद राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में बिना प्रशासनिक अनुमति के बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियोग्राफी करने पर रोक लगा दी गई.
सरकार का तर्क है कि बच्चों की निजता (Privacy) और सुरक्षा के लिए यह कदम जरूरी था. वहीं CJP का आरोप है कि सरकार अपनी नाकामियों और बदहाल सरकारी व्यवस्थाओं को छिपाने के लिए ऐसे फरमान जारी कर रही है.
राजस्थान में 611 स्कूलों के पास भवन तक नहीं
राजस्थान में एक तरफ केंद्र सरकार की 'PM SHRI' योजना के तहत चुनिंदा स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस, 21वीं सदी के डिजिटल कौशल, लैब और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर दिए जा रहे हैं. लेकिन दूसरी तरफ रिपोर्टों के मुताबिक:
- राजस्थान में आज भी 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपनी खुद की बिल्डिंग तक नहीं है.
- डूंगरपुर में एक स्कूल हादसे के बाद शिक्षा विभाग को हजारों जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे शुरू करना पड़ा.
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि क्या बेहतर सुविधाएं केवल चुनिंदा पीएम श्री मॉडल स्कूलों तक ही सीमित रहेंगी, या फिर राजस्थान के आम सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे को सुरक्षित छत, टॉयलेट, पीने का पानी और शिक्षक मिल पाएंगे. फिलहाल सीजेपी के चैलेंज और पीएम श्री स्कूलों की ग्राउंड रिपोर्टों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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