Rajasthan Nikay and Panchayat Elections: राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की घोषणा से पहले सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है. इस बार का चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों की साख का नहीं, बल्कि आरक्षण के एक बिल्कुल नए फॉर्मूले का गवाह बनने जा रहा है. प्रदेश में पहली बार ओबीसी आरक्षण का फैसला पुराने डाटा के बजाय 76 लाख परिवारों के बिल्कुल ताजा सर्वे के आधार पर किया जाएगा. इस नए सामाजिक गणित से कई जिलों के समीकरण बदलने तय माने जा रहे हैं.
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ओबीसी सर्वे पूरा, 15 अगस्त तक सामने आएगा नया ढांचा
ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने राज्य भर में 76 लाख परिवारों की सामाजिक स्थिति का ब्योरा जुटा लिया है. रविवार देर रात खत्म हुए इस सर्वे में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के आंकड़ों को शामिल किया गया है. आयोग 5 अगस्त से पहले अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा. इसके बाद 15 अगस्त तक सीटों के आरक्षण की अंतिम तस्वीर साफ कर दी जाएगी, जिससे यह पता चलेगा कि किस वर्ग को कितनी सीटें मिलेंगी.
3.80 करोड़ आबादी और आरक्षण की सीमा का नियम
राज्य में आयोग के अनुसार ओबीसी वर्ग की कुल आबादी लगभग 3 करोड़ 80 लाख है. इसी आधार पर स्थानीय संस्थाओं में ओबीसी को अधिकतम 21 प्रतिशत तक आरक्षण मिल सकता है. हालांकि, यह व्यवस्था हर जिले में एक समान नहीं होगी. जिन इलाकों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी अधिक होगी, वहां कुल सीमा को ध्यान में रखते हुए ओबीसी का कोटा कम किया जा सकता है.
जयपुर में सबसे ज्यादा परिवार, जानिए कहां कितनी सीटें संभव
आरक्षण के लिए हुए इस सर्वे में जयपुर जिला सबसे आगे रहा है, जहां करीब 5.44 लाख ओबीसी परिवार दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा सीकर में 3.75 लाख, जोधपुर में 3.58 लाख और झुंझुनू में 3.33 लाख परिवारों का डाटा मिला है. शुरुआती अनुमान बताते हैं कि जयपुर नगर निगम में लगभग 31 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित हो सकते हैं, जबकि जोधपुर और कोटा में करीब 21-21 वार्ड इस श्रेणी में आने की संभावना है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हथियार लाइसेंस पर लगी रोक
चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रशासन ने नए हथियार लाइसेंस जारी करने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है. इसके साथ ही अगस्त महीने से पुराने लाइसेंस धारकों के शस्त्र जमा कराने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा. राज्य में कुल पौने 2 लाख पंजीकृत हथियारों में से सबसे अधिक 28,000 लाइसेंस अकेले उदयपुर जिले में हैं.
बूथ मजबूत करने में जुटी कांग्रेस, कार्यकर्ताओं को मिली स्पेशल ट्रेनिंग
सियासी मोर्चे पर बढ़त बनाने के लिए कांग्रेस ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पंचायत और निकाय चुनाव प्रबंधन को लेकर एक खास कार्यशाला रखी गई. इसमें करीब 500 संभावित उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट, मतदाता सूची की री-चेकिंग और जनसंपर्क के गुर सिखाए गए. इस बैठक में गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, डॉ. सीपी जोशी और कुणाल बनर्जी ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया.
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