Rajasthan Panchayat Election 2026 Schedule: राजस्थान के ग्रामीण अंचल में लोकतंत्र का सबसे बड़ा महापर्व दस्तक देने जा रहा है. पंचायती राज व्यवस्था के तहत गांवों में नई सरकार चुनने का पूरा खाका सामने आ चुका है. राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में दिए गए अपने समयसारणी के अनुसार पंचायत चुनावों का पूरा कार्यक्रम तय कर दिया है. इस प्रक्रिया के जरिए लाखों ग्रामीण वोटर अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों का चयन करेंगे.
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जानिए कब से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया
गांवों में चुनावी प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा 23 सितंबर 2026 (बुधवार) को होगी. इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा 28 सितंबर 2026 (सोमवार) को लोक सूचना/अधिसूचना जारी की जाएगी.
पंचायत चुनाव की मुख्य तारीखें:
- चुनाव घोषणा की तिथि: 23 सितंबर 2026
- लोक सूचना जारी करने की तिथि: 28 सितंबर 2026
- नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि: 1 अक्टूबर 2026
- नामांकन पत्रों की समीक्षा (स्क्रूटनी): 3 अक्टूबर 2026
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 5 अक्टूबर 2026
- चुनाव चिन्हों का आवंटन व अंतिम सूची: 5 अक्टूबर 2026
जानें वोटिंग की तारीखें:
1. जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान:
- प्रथम चरण: 13 अक्टूबर 2026
- द्वितीय चरण: 23 अक्टूबर 2026
- तृतीय चरण: 29 अक्टूबर 2026
- चतुर्थ चरण: 3 नवंबर 2026
2. पंच और सरपंच पद के लिए मतदान व मतगणना:
(पंच-सरपंच के लिए मतदान के दिन ही मतगणना होती है)
- प्रथम चरण: 14 अक्टूबर 2026
- द्वितीय चरण: 24 अक्टूबर 2026
- तृतीय चरण: 30 अक्टूबर 2026
- चतुर्थ चरण: 4 नवंबर 2026
3. उपसरपंच पद के लिए निर्वाचन:
- प्रथम चरण: 15 अक्टूबर 2026
- द्वितीय चरण: 25 अक्टूबर 2026
- तृतीय चरण: 31 अक्टूबर 2026
- चतुर्थ चरण: 5 नवंबर 2026
जानें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष चुनाव का तरीका
पंचायत चुनाव में मतदाता चार पदों के लिए सीधे वोट डालेंगे. नागरिक अपने क्षेत्र के वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव सीधे मतदान प्रक्रिया से करेंगे. इसके बाद निर्वाचित सदस्य मिलकर प्रधान, उप प्रधान, प्रमुख और उप जिला प्रमुख का चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से करेंगे.
- पंचायत समिति सदस्य / जिला परिषद सदस्य की मतगणना: 12 नवंबर 2026
- प्रमुख / प्रधान का चुनाव: 14 नवंबर 2026
- उप प्रमुख / उप प्रधान का चुनाव: 15 नवंबर 2026
लाखों वोटर करेंगे अपने मताधिकार का प्रयोग
गांव की सरकार चुनने के लिए लाखों मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे. मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रदेश भर में हजारों मतदान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. विशाल पैमाने को देखते हुए प्रत्येक चरण में करीब 80 हजार सरकारी कर्मचारियों और 70 हजार पुलिसकर्मियों को चुनावी ड्यूटी में लगाया जाएगा.
हाई कोर्ट का कड़ा संदेश
अदालत ने इस चुनावी प्रक्रिया को बिना किसी देरी के समय पर पूरा करने का सख्त आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, जिसके आधार पर आरक्षण व्यवस्था तय कर चुनाव संपन्न कराए जाएं. अदालत ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के अतिरिक्त समय या देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी.
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