श्रीगंगानगर: BJP विधायक हमला केस में नया मोड़, पीड़ित इंजीनियर ने लगाया गंभीर आरोप- 'हमें बंद करके बेहरमी से पीटा गया'

Sriganganagar BJP MLA Case: श्रीगंगानगर BJP विधायक हमला केस में नया मोड़ आ गया है. पीड़ित एईएन इंजीनियर ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन्हें कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा, जातिसूचक शब्द कहे और सबूत छिपाने के लिए उनकी शर्ट तक बदल दी. मेडिकल बोर्ड से जांच के आदेश के बाद मामला और गरमा गया है.

Rajasthan MLA Assault Case
Rajasthan MLA Assault Case

न्यूज तक डेस्क

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राजस्थान के श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक और एक सरकारी अधिकारी (AEN) के बीच हुआ विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है. जहां एक तरफ विधायक की ओर से हमले के आरोप लगाए गए थे, वहीं अब पीड़ित इंजीनियर (AEN) ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई है. इंजीनियर का आरोप है कि विधायक और उनके गुर्गों ने उन्हें कमरे में बंद करके बेरहमी से पीटा, उनकी शर्ट तक बदल दी और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया.

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विधायक सेवा केंद्र पर बुलाकर हमले का आरोप

पीड़ित एईएन (AEN) ने बताया कि उन्हें श्रीगंगानगर विधायक के पीए (धारीवाल) का फोन आया था, जिसके बाद खुद विधायक ने उनसे बात की और मिलने के लिए बुलाया. अधिकारी ने बताया कि वे अपने दो साथियों, शाहनवाज और परमार के साथ जरूरी कागजात लेकर विधायक सेवा केंद्र पहुंचे थे ताकि किसी भी समस्या का निस्तारण किया जा सके.

आरोप है कि जैसे ही वे वहां पहुंचे, विधायक ने उन पर थप्पड़ों की बरसात कर दी. इंजीनियर के मुताबिक, विधायक गाड़ी में बैठे थे और उन्होंने उतरते ही मारपीट शुरू कर दी.

जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और बेरहमी से पिटाई

इंजीनियर ने वीडियो में अपनी चोटें दिखाते हुए बताया कि विधायक ने उन्हें थप्पड़ मारने के साथ-साथ जातिसूचक अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया. पीड़ित का कहना है कि विधायक के साथ मौजूद करीब 15-20 लोगों ने उन्हें नीचे पटक दिया और लात-घूसों के साथ-साथ रबर के पाइपों से बुरी तरह पीटा. मारपीट इतनी गंभीर थी कि उनकी आंख में गहरी चोट आई है और शरीर के कई हिस्सों में सूजन है. इंजीनियर ने यह भी दावा किया कि पिटाई के दौरान उनकी सफेद शर्ट फट गई थी और उस पर खून के धब्बे लग गए थे, जिसे छिपाने के लिए उनकी शर्ट बदलकर दूसरी शर्ट पहना दी गई.

भ्रष्टाचार और हमले के आरोपों पर सफाई

विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए इंजीनियर ने कहा कि उन्होंने विधायक पर कोई हमला नहीं किया. उनके मुताबिक, 15-20 लोगों के बीच अकेला कर्मचारी हमला कैसे कर सकता है? बचाव के दौरान शायद विधायक का चश्मा गिर गया होगा, जिसे हमले का रूप दे दिया गया. वहीं, 550 करोड़ की योजना में भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारते हुए अधिकारी ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार होता तो इतने अच्छे काम नहीं होते. उन्होंने स्पष्ट किया कि संभवतः पानी की सप्लाई के किसी पॉइंट को लेकर विधायक नाराज थे और इसी गुस्से में उन पर हमला किया गया.

मेडिकल बोर्ड से जांच और पुलिस पर सवाल

पीड़ित के वकील ने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वकील का कहना है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और शुरुआती मेडिकल सही तरीके से नहीं कराया गया. इसके बाद SDM के सामने गुहार लगाई गई, जिन्होंने अब मेडिकल बोर्ड गठित कर दोबारा जांच कराने के आदेश दिए हैं. वकील ने आरोप लगाया कि विधायक का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है और वे खुलेआम गाली-गलौज कर रहे हैं. फिलहाल, एईएन के साथियों का भी मेडिकल कराया जा रहा है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.

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