कोटा-बूंदी में उमस से बुरा हाल, जयपुर से भरतपुर तक मानसून पर ब्रेक, जानें 12 जुलाई को आपके शहर में धूप खिलेगी या होगी बारिश?

न्यूज तक डेस्क

• 07:03 PM • 11 Jul 2026

12 जुलाई को राजस्थान में मानसून कमजोर रहेगा, जिससे अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस के कारण गर्मी बढ़ेगी. हालांकि, उत्तर-पूर्वी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों में तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है.

Rajasthan Weather
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Rajasthan Weather Forecast 12 July: राजस्थान में मानसून की झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आई है. प्रदेश में मानसून की रफ्तार एकाएक धीमी पड़ गई है, जिसके चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में उमस और तीखी धूप ने एक बार फिर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है.

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मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश में भारी बारिश पर पूरी तरह से ब्रेक लगा रहेगा . हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ चुनिंदा जिलों में स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण बादलों की आवाजाही और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं. आइए जानते हैं कि 12 जुलाई को राजस्थान के अलग-अलग संभागों और जिलों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है .

उत्तर-पूर्वी राजस्थान: भले ही पूरे प्रदेश में मानसून सुस्त है, लेकिन उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में अभी भी गरज-चमक के साथ बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं . 12 जुलाई को इन जिलों में स्थानीय प्रभाव और बादलों की आवाजाही से हल्की बौछारें पड़ सकती हैं:

जयपुर और आसपास: राजधानी जयपुर, दौसा और अलवर में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं . कुछ सीमित क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है .

शेखवाटी क्षेत्र: सीकर और झुंझुनू में भी मौसम मिलाजुला रहेगा . यहां कुछ जगहों पर शाम के समय हल्की बूंदाबांदी हो सकती हैं .

भरतपुर संभाग व अन्य: डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली, कोटपुतली-बहरोड़ और खैरथल-तिजारा जैसे जिलों में भी सीमित दायरों में बादलों की गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है .

पश्चिमी राजस्थान

पश्चिमी राजस्थान के जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और यहां तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है .

जैसलमेर और बाड़मेर: इन सीमावर्ती इलाकों में 12 जुलाई को तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलेंगी . मौसम विभाग के मुताबिक, इन क्षेत्रों में तेज धूलभरी आंधी (Dust Storm) चलने की पूरी संभावना है . बाड़मेर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है .

बीकानेर और जोधपुर संभाग: बीकानेर, अनूपगढ़ और जोधपुर के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहेगा . तेज धूप और उमस के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहेगा .

दक्षिणी व मध्य राजस्थान

उदयपुर संभाग: जालौर, सिरोही, डूंगरपुर और उदयपुर के कुछ हिस्सों में अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण बादलों की आवाजाही बनी रहेगी . इन जिलों में भारी बारिश की तो कोई संभावना नहीं है, लेकिन कुछ सीमित जगहों पर हल्की बूंदाबांदी (Drizzle) हो सकती है .

मध्य राजस्थान (अजमेर संभाग): नागौर, डीडवाना-कुचामन, अजमेर, ब्यावर, केकड़ी और दूदू में मानसून की बारिश न के बराबर रहेगी . इन क्षेत्रों में तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे भारी उमस और गर्मी परेशान करेगी .

हाड़ौती संभाग (कोटा संभाग): कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में भी 12 जुलाई को मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा . यहां भी तापमान में उछाल के साथ गर्मी का असर बना रहेगा .

किसानों की बढ़ी चिंता

राजस्थान के 20 से अधिक जिलों में इस बार सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है . मानसून के इस लंबे ब्रेक के कारण सबसे ज्यादा परेशानी प्रदेश के अन्नदाताओं (किसानों) को हो रही है . जो किसान खरीफ की फसलों (जैसे- बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल और कपास) की बुवाई कर चुके हैं या करने का इंतजार कर रहे हैं, उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं . बारिश न होने से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है .

कब लौटेगा मानसून?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के निवासियों को भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा . लगभग 15 से 18 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Weather System) बनने जा रहा है . इस सिस्टम के सक्रिय होने के बाद, मानसूनी ट्रफ एक बार फिर दक्षिण की ओर खिसकेगी . इसके प्रभाव से मध्य भारत समेत राजस्थान के बीकानेर संभाग, जोधपुर और मध्य राजस्थान के कई जिलों में 15 जुलाई के बाद एक बार फिर मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है .

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