राजस्थान में गर्मी का असर अब केवल दिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रातें भी तपने लगी हैं. पिछले दो दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे प्रदेशभर में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर और तेज हो गया है. मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 5 जिलों में ऑरेंज और 5 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है.
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बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 9 शहरों में अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. सबसे ज्यादा गर्मी चित्तौड़गढ़ और पिलानी में रही, जहां पारा 46.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं श्रीगंगानगर और बीकानेर में भी तापमान 46 डिग्री के पार दर्ज हुआ. सीकर और उदयपुर में इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया. दूसरी ओर, सिरोही में न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम दर्ज किया गया.
जयपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में
राजधानी जयपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में रही. सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से ज्यादा रहा. इस सीजन में यह चौथा मौका है जब जयपुर का तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंचा. रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण दिनभर लू का असर बना रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है.
जयपुर की सड़कों पर पानी का छिड़काव
राजधानी जयपुर के बाजारों में तपती सड़कों को कूल करने के लिए पानी के छिड़काव का सहारा लिया जा रहा है. शहर के पर्यटन स्थालों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. चारो तरफ केवल चिलचिलाती धूप नजर आ रही है. जिससे लोग पेड़ों की छांव या मकानों के भीतर दुबके हुए ठंडा पनी, शिकंजी, नींबू पानी और आइसक्रीम का सेवन कर रहे हैं.
इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भी भारत की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून 26 मई से पहले ही केरल पहुंच सकता है. हालांकि इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रहने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते बारिश के बीच लंबे ब्रेक देखने को मिल सकते हैं.
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