राजस्थान में मरुधरा के आसमान पर बादलों ने डेरा डाल दिया है और मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. प्रदेश में एक नया और मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय हो गया है जिसके चलते 29 मार्च को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और झमाझम बारिश होने के पूरे आसार हैं.
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29 मार्च को इन जिलों में रहेगा 'कुदरत का कहर'
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नए सिस्टम का सबसे ज्यादा असर 28 और 29 मार्च को देखने को मिलेगा. 29 मार्च को राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर और फलौदी जैसे सीमावर्ती इलाकों में प्री-मानसून की गतिविधियों के चलते मौसम पूरी तरह बिगड़ सकता है. यहां न सिर्फ बादल गरजेंगे, बल्कि धूल भरी आंधी के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है.
सिर्फ पश्चिमी राजस्थान ही नहीं, बल्कि सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में भी बादलों की आवाजाही बढ़ेगी. कई जगहों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई जा रही है, जो खेतों में खड़ी फसलों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है.
किसानों के लिए अलर्ट
मार्च का अंत कृषि कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे आने वाले 48 से 72 घंटों के दौरान खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए ही अपने कृषि कार्य और फसलों की कटाई-मड़ाई का फैसला लें. खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की हिदायत दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है.
गर्मी से राहत पर बढ़ी आफत
हालांकि इस बारिश से बढ़ती गर्मी और पारे में थोड़ी गिरावट जरूर आएगी और लोगों को तपिश से राहत मिलेगी, लेकिन बेमौसम आंधी और तूफान जनजीवन को प्रभावित कर सकता है. आगामी तीन दिनों (28, 29 और 30 मार्च) तक प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में बादलों का पहरा रहेगा और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है.
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