'जय बाबा गरीबनाथ' लिखी बोलेरो गाड़ी पर कटा चालान, भड़के रविंद्र सिंह भाटी ने मोदी सरकार और BJP से पूछे ये सवाल

Rajasthan Challan Controversy: राजस्थान में वाहनों पर धार्मिक नाम लिखने पर पुलिस द्वारा चालान काटने का मामला गरमा गया है. शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया पर चालान की कॉपी शेयर कर सरकार को घेरा है. जानिए आखिर किस नियम के तहत 'जय बाबा गरीबनाथ' और 'जय बजरंगबली' लिखी गाड़ियों पर जुर्माना लगा है.

 राजस्थान में धार्मिक नाम लिखी गाड़ियों का कटा चालान
राजस्थान में धार्मिक नाम लिखी गाड़ियों का कटा चालान

नितेश तिवारी

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Rajasthan Challan Controversy: राजस्थान में गाड़ियों पर लिखे धार्मिक संदेशों और भगवान के नाम को लेकर एक नया और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मामला तब गरमा गया जब सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वाहनों के चालान वायरल हुए, जिन पर 'जय बाबा गरीबनाथ' और 'जय मां जगदंबे' जैसे धार्मिक नाम लिखे हुए थे. आरोप है कि पुलिस ने इन गाड़ियों पर सिर्फ इसलिए जुर्माना ठोक दिया क्योंकि इन पर इष्टदेव के नाम लिखे थे. अब इस पूरे एक्शन पर शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने एंट्री मारते हुए राजस्थान सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे सवाल दाग दिए हैं.

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क्या राम राज्य में भगवान का नाम लिखना अपराध है? - भाटी

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पोस्ट पर एक बोलेरो गाड़ी और उसके चालान की कॉपी शेयर करते हुए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राजस्थान के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और राजस्थान पुलिस को टैग किया है. भाटी ने बेहद आक्रामक अंदाज में लिखा, "राम राज्य में अपने इष्ट का नाम लिखना भी क्या गुनाह हो गया है?" भाटी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है और लोग पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं.

किन गाड़ियों के कटे चालान और कितना लगा जुर्माना?

केस 1: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पहले चालान में एक बोलेरो गाड़ी के आगे 'जय बाबा गरीबनाथ' लिखा हुआ था. जोधपुर पुलिस ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए वाहन चालक पर ₹500 का जुर्माना लगा दिया.

केस 2: एक अन्य मामला जयपुर से सामने आया है, जहां गाड़ी पर 'जय बजरंगबली' लिखा होने का दावा किया जा रहा है. इस मामले में जयपुर पुलिस ने कथित तौर पर ₹100 का चालान काटा है.

केस 3: इसके अलावा 'जय मां जगदंबे' लिखी हुई गाड़ी का चालान भी सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है.

पुलिस ने क्यों की कार्रवाई और क्या कहता है नियम?

इस पूरे विवाद के बीच लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वाहनों पर क्या लिखा जा सकता है और क्या नहीं. पुलिस सूत्रों और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के मुताबिक, वाहनों की नंबर प्लेट, विंडशील्ड या बॉडी पर ऐसी कोई भी चीज नहीं लिखी जा सकती जो वाहन की स्पष्ट पहचान में बाधा डाले या सुरक्षा नियमों को प्रभावित करे. पुलिस का तर्क है कि गाड़ी पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक लिखावट नियमों के दायरे में आती है.

आस्था बनाम नियम: सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

रविंद्र सिंह भाटी के इस मुद्दे को उठाने के बाद अब यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है. सोशल मीडिया पर यूजर्स भी दो गुटों में बंट गए हैं. एक पक्ष का कहना है कि कानून और नियम सभी के लिए बराबर हैं, इसलिए गाड़ी पर कुछ भी अनावश्यक लिखने से बचना चाहिए. वहीं, दूसरा पक्ष इसे सीधे तौर पर धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहा है और पुलिस की इस कार्रवाई को सनातन धर्म और भावनाओं पर चोट बता रहा है.

फिलहाल राजस्थान में इस चालान को लेकर बवाल जारी है. अब जनता और राजनीतिक गलियारों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस भारी आक्रोश के बाद राजस्थान पुलिस या राज्य सरकार की तरफ से कोई स्पष्टीकरण या नई गाइडलाइन जारी की जाती है या नहीं.

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