राजस्थान की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी और जन मुद्दों को लेकर चर्चा में रहने वाले शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. ताजा मामला उनकी सुरक्षा (सिक्योरिटी) से जुड़ा है. खबर है कि सरकार ने विधायक भाटी को मिली सुरक्षा हटा ली है. इस फैसले के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या ओरण बचाने के आंदोलन और विधानसभा में गैंगस्टरों के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से सरकार भाटी से नाराज है? हालांकि, भाटी ने सुरक्षा हटने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें किसी का डर नहीं है और उनकी असली सुरक्षा जनता है.
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अचानक सुरक्षा हटाने पर उठे सवाल
रविंद्र सिंह भाटी को पहले से ही जान का खतरा था, जिसके चलते उन्हें पीएसओ और सुरक्षा मुहैया कराई गई थी. भाटी ने खुद पुष्टि की है कि उन्हें संदेश मिला है कि उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों को वापस लाइन हाजिर होने के निर्देश दिए गए हैं. यह फैसला तब आया है जब कुछ समय पहले ही जोधपुर और आसपास के इलाकों में कुछ गैंगस्टरों की गिरफ्तारी हुई थी और भाटी ने विधानसभा में अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था. ऐसे में सुरक्षा बढ़ाने के बजाय उसे हटाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है.
ओरण आंदोलन और सरकार की नाराजगी
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि रविंद्र सिंह भाटी पिछले कुछ समय से 'ओरण' को बचाने के लिए बड़ा आंदोलन कर रहे हैं. इस मुद्दे पर वह सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को चुनौती दे रहे हैं. माना जा रहा है कि इसी आंदोलन के चलते सरकार उनसे चिढ़ी हुई है और यह कदम उसी की प्रतिक्रिया हो सकता है. जब भाटी से पूछा गया कि क्या ओरण मुद्दे की वजह से सुरक्षा हटाई गई, तो उन्होंने दोटूक कहा कि चाहे सुरक्षा रहे या न रहे, वह जनता के मुद्दों को उठाना बंद नहीं करेंगे.
'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई' - भाटी की हुंकार
सुरक्षा हटाए जाने के सवाल पर रविंद्र सिंह भाटी बिल्कुल विचलित नजर नहीं आए. उन्होंने राजस्थान तक से बातचीत में कहा, 'सुरक्षा के भरोसे मैं पहले भी नहीं था. जाको राखे साइयां मार सके ना कोई, मेरे मालिक जनता है और जब तक जनता मेरे साथ है, मुझे किसी बात का डर नहीं है.' भाटी ने आगे कहा कि जनता की आवाज उठाने के लिए अगर उन्हें लाठियां खानी पड़ें, जेल जाना पड़े या कोई भी कीमत चुकानी पड़े, तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं.
प्रशासन का इनकार और भाटी का रुख
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां भाटी की सुरक्षा हटाने की खबरें हैं, वहीं दूसरी ओर जोधपुर रेंज आईजी ने इस तरह के किसी भी आधिकारिक पत्र व्यवहार से इनकार किया है. आईजी का कहना है कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई बात नहीं है कि विधायक की सुरक्षा हटाई गई है. इस विरोधाभास ने मामले को और भी रहस्यमयी बना दिया है. फिलहाल, भाटी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सड़क पर उतरकर जनता के लिए लड़ने को तैयार हैं और सरकार के इस तरह के कदमों से उनके तेवर कम नहीं होने वाले हैं.
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