कथावाचिका साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. इस दुखद घटना के बाद संतों और भक्तों में भारी आक्रोश है. हाल ही में महामंडलेश्वर ईश्वरी नंद गिरी ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी बात रखी है. इस दौरान वो उन लोगों पर जमकर बरसे हैं जो सोशल मीडिया के जरिए साध्वी के चरित्र पर सवाल उठा रहे थे. महामंडलेश्वर ईश्वरी नंद गिरी ने भावुक होते हुए कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा ने मात्र 4 वर्ष की अल्पायु में ही दीक्षा ले ली थी.
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उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था. लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने एक पुराने वीडियो को आधार बनाकर बाप बेटी के पवित्र रिश्ते पर कीचड़ उछालने का काम किया है. उन्होंने ऐसे लोगों को चुल्लू भर पानी में डूबने की नसीहत देते हुए कहा कि जो लोग ऐसी पोस्ट शेयर करते हैं, वे भी उतने ही दोषी हैं.
प्रशासन से की ये मांग
जांच की मांग साध्वी की मौत के कारणों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. महामंडलेश्वर ने बताया कि उन्हें इंजेक्शन लगाए जाने की बात संज्ञान में आई है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य इंजेक्शन से मौत नहीं होती जब तक कि वह जहरीला न हो. उन्होंने साइलेंट अटैक की संभावना भी जताई जो आजकल युवाओं और स्वस्थ लोगों में आम हो गया है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए ताकि लाखों भक्तों को सच पता चल सके.
बदनाम करने की गई कोशिश
फिरौती और ब्लैकमेलिंग का एंगल वीडियो में यह भी संकेत दिया गया कि कुछ बदमाश प्रवृत्ति के लोग साध्वी को प्रताड़ित कर रहे थे और फिरौती की मांग कर रहे थे. महामंडलेश्वर ने कहा कि लालच की वजह से एक संत को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रेम बाईसा कायर नहीं थीं. वह लगातार धर्म का प्रचार करती रहीं.
संत समाज की एकजुटता का आह्वान अंत में, महामंडलेश्वर ने राजस्थान के समस्त संतों से एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज प्रेम बाईसा को न्याय नहीं मिला, तो भविष्य में कोई भी संत सुरक्षित महसूस नहीं करेगा और संतों का कानूनी व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा.
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