'इंजेक्शन लगाने के महज 30 सेकंड में ही...' साध्वी प्रेम बाईसा के मौत पर पिता वीरम नाथ का बड़ा खुलासा
जोधपुर की मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद आज उनके गांव परेऊ में समाधि दी जाएगी. पिता ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगने के 30 सेकंड बाद उनकी हालत बिगड़ी.

राजस्थान की मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद आज उनके पैतृक गांव परेऊ (बालोतरा) में गमगीन माहौल है. गुरुवार शाम जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हजारों अनुयायियों की आंखें नम हो गईं. आज उन्हें उनके पैतृक गांव में ही समाधि दी जाएगी, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं.
पिता ने बताई उस काली रात की हकीकत
प्रेम बाईसा के पिता वीरम नाथ ने बताया कि 28 जनवरी को वह कार्यक्रमों से फ्री हुई थीं. उन्हें हल्का जुकाम और गले में खराश थी.
वीरम नाथ के अनुसार, "मैंने उन्हें अस्पताल चलने को कहा था लेकिन उन्होंने डॉक्टर को घर बुलाने की बात कही. डॉक्टर ने आकर जैसे ही उन्हें इंजेक्शन लगाया, उसके महज 30 सेकंड के भीतर उनकी तबीयत बिगड़ गई." आनन-फानन में उन्हें जोधपुर के प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मरने से पहले कही थी ये बात!
पिता वीरम नाथ ने खुलासा करते हुए बताया कि प्रेम बाईसा के अंतिम शब्द थे - "मुझे जीते जी तो न्याय नहीं मिला, लेकिन मरने के बाद न्याय जरूर मिलना चाहिए."
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क्या वीडियो वायरल करने की धमकी देने वाले लोगों की वजह से वो परेशान थी ? इसके जवाब में वीरम नाथ ने कहा कि जो हुआ, जांच में सच सबके सामने आ जाएगा. उन्होंने कहा मेरी बेटी के अंतिम शब्द थे कि "मुझे जीते जी तो न्याय नहीं मिला, मगर मरने के बाद मुझे न्याय जरूर मिलना चाहिए."
संत समाज में गहरा आक्रोश
मेवाड़ से पहुंचीं महामंडलेश्वर ईश्वरी नंद गिरी ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर साधु-संतों की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ईश्वरी नंद गिरी ने गुस्से में कहा, "बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश करना शर्मनाक है. भगवे को बदनाम करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए." उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है.
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