कौन हैं संजना जाटव, जो संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान सबसे आगे दिखीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी करते हैं सपोर्ट

अनुराधा तंवर

28 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 28 2026 3:03 PM)

Sanjana Jatav MP: संसद परिसर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ सबसे आगे खड़ी 28 वर्षीय सांसद संजना जाटव का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आखिर कौन हैं राजस्थान की यह युवा सांसद, कैसे पहुंचीं लोकसभा तक और क्यों अचानक देशभर में चर्चा का केंद्र बन गईं, जानिए उनका पूरा राजनीतिक सफर.

कौन हैं संजना जाटव?
कौन हैं संजना जाटव?
Google CTA

Sanjana Jatav Biography: सोशल मीडिया पर इन दिनों संसद परिसर का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें 28 साल की एक युवा महिला सांसद विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करती नजर आ रही हैं. जब यह युवा सांसद बुलंद आवाज में नारे लगाती हैं, तो उनके ठीक पीछे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्ष के तमाम दिग्गज सांसद खड़े होकर उनके नारों को दोहराते हैं. सरकार के खिलाफ बेबाक अंदाज में मोर्चा खोलने वाली यह युवा सांसद कोई और नहीं, बल्कि राजस्थान से आने वाली कांग्रेस की सांसद सजना जाटव हैं.

Read more!

संसद के मकर द्वार पर संभाली मोर्चेबंदी

संसद के मानसून सत्र के दौरान जब नीट (NEET) और छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस और पूरे विपक्ष ने सरकार को घेरा, तब संजना जाटव संसद के मकर द्वार के बाहर जारी प्रदर्शन में सबसे आगे खड़ी नजर आईं. राहुल गांधी ने उन्हें सबसे आगे की कतार में खड़ा किया. संजना ने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और न्याय की मांग की. उनके इसी अंदाज का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया और वे अचानक देश भर की सुर्खियों में छा गईं.

कौन हैं संजना जाटव? जानिए उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि

संजना जाटव राजस्थान की सबसे युवा सांसदों में से एक हैं. उनका सियासी और व्यक्तिगत सफर काफी दिलचस्प रहा है:

जन्म व शिक्षा: संजना जाटव का जन्म 1 मई 1998 को राजस्थान के भरतपुर जिले के भूसावर में हुआ था. उन्होंने बीए (BA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद एलएलबी (LLB) की डिग्री हासिल की.
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता हरभजन सिंह पेशे से ठेकेदार रहे और बाद में उपसरपंच भी बने.
ससुराल व पति: संजना जाटव का विवाह राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत कप्तान सिंह से हुआ है.

स्थानीय निकाय से लेकर संसद तक का सियासी सफर

संजना का राजनीतिक सफर बेहद कम समय में काफी तेजी से आगे बढ़ा है:

1. जिला परिषद सदस्य: 17 नवंबर 2021 से 15 जून 2024 तक वे अलवर जिला परिषद की सदस्य रहीं. इस चुनाव में उन्होंने 4,991 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी.
2. विधानसभा चुनाव 2023: कांग्रेस पार्टी ने उनकी सक्रियता को देखते हुए 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कठूमर सीट से उम्मीदवार बनाया. हालांकि, बेहद करीबी मुकाबले में वे महज 409 वोटों के अंतर से चुनाव हार गईं.
3. लोकसभा चुनाव 2024: हार के बावजूद कांग्रेस हाईकमान ने उन पर अपना भरोसा कायम रखा. 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें भरतपुर से मैदान में उतारा. संजना जाटव ने बीजेपी के प्रत्याशी रामस्वरूप कोहली को शिकस्त देकर पहली बार लोकसभा में अपनी जगह बनाई और सांसद बनीं.

प्रियंका गांधी के अभियान से मिली पहचान और हाईकमान का भरोसा

ईस्टर्न राजस्थान (पूर्वी राजस्थान) में संजना जाटव को पहचान प्रियंका गांधी के "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" अभियान से मिली. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाई. कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, संजना जाटव को प्रियंका गांधी काफी पसंद करती हैं और पार्टी हाईकमान से उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है.

संजना जाटव को जब भी पार्टी ने कोई जिम्मेदारी या अवसर दिया, उन्होंने उसका पूरा फायदा उठाया. वे लगातार जमीन पर उतरकर अपने क्षेत्र के लोगों से मिलती हैं, उनकी समस्याओं और मुद्दों को सुनती हैं. 28 साल की उम्र में अपनी जमीनी पकड़ और बेबाक शैली के दम पर संजना जाटव आज भारतीय राजनीति और संसद में एक सशक्त युवा चेहरे के रूप में उभरी हैं.

यह भी पढ़ें: राजस्थान: 24 साल में बने IPS, 37 साल में दे दिया इस्‍तीफा, जानें IIT कानपुर से पढ़ाई कर सेवा में आने जगमोहन मीणा ने क्यों छोड़ी नौकरी?