Rajasthan News: रिश्तों के कत्ल की यह खौफनाक वारदात टोंक जिले के गूंसी गांव की है. साल 2016 में हुए सुखजी बैरवा हत्याकांड में टोंक की एससी-एसटी कोर्ट की विशेष न्यायाधीश आरती महेश्वरी ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने मृतक की पत्नी धन्नी देवी, उसके प्रेमी जगदीश बैरवा, प्रेमी के बेटे हंसराज और उसके दोस्त रामविलास गुर्जर को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है.
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला 10 साल पहले यानी साल 2016 का है. जयपुर में काम करने वाले सुखजी बैरवा अपने बेटे के लगन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जयपुर से अपने गांव लौट रहे थे. इसी दौरान नेशनल हाईवे-52 पर गूंसी गांव के पास एक खेत में उनका लहूलुहान शव मिला था. पुलिस को मौके से शराब की खाली बोतलें मिली थीं, जिससे मामला संदिग्ध हो गया था.
अवैध संबंध बने हत्या की वजह
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सुखजी की पत्नी धन्नी देवी का गांव के ही जगदीश बैरवा के साथ अवैध प्रेम संबंध था. सुखजी अपनी पत्नी और प्रेमी के इस रिश्ते के बीच कांटा बन रहा था. पति को रास्ते से हटाने के लिए धन्नी देवी ने अपने प्रेमी जगदीश, उसके बेटे हंसराज और दोस्त रामविलास के साथ मिलकर मौत की साजिश रची.
बेरहमी से रेता था गला
साजिश के तहत आरोपियों ने सुखजी बैरवा को रास्ते में रोका और गला रेतकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस ने सघन तफ्तीश के बाद चारों को गिरफ्तार किया. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 23 गवाह, 64 दस्तावेज और 11 ठोस सबूत पेश किए. जिसके आधार पर अब 10 साल बाद न्याय हुआ है.
अदालत ने चारों दोषियों पर 500-500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इस फैसले के बाद चारों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच टोंक जेल भेज दिया गया है.
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