राजस्थान के टोंक जिले में कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि सामूहिक विवाह की खुशियां पल भर में मातम और अफरातफरी में बदल गईं. रतनपुरा गांव में आयोजित धाकड़ समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में सब कुछ ठीक चल रहा था, जब अचानक आए एक शक्तिशाली बवंडर और तूफान ने पूरे आयोजन स्थल को तहस-नहस कर दिया. आसमान में उड़ते टेंट, हवा में तैरते लोहे के पाइप और जान बचाने के लिए भागते दूल्हा-दुल्हन व उनके परिजनों की तस्वीरों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. कुछ ही मिनटों के इस बवंडर ने न केवल विवाह स्थल को बर्बाद किया, बल्कि दर्जनों लोगों को घायल भी कर दिया, जिससे जश्न के माहौल में केवल चीख-पुकार और बर्बादी का मंजर रह गया.
ADVERTISEMENT
पल भर में उजड़ गया विवाह स्थल
टोंक के रतनपुरा गांव में आयोजित इस धाकड़ समाज के सम्मेलन में 36 जोड़ों का विवाह संपन्न होना था. चारों तरफ चहल-पहल थी, लेकिन अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवाएं इतनी शक्तिशाली बवंडर में बदलीं कि बड़े-बड़े टेंट कागज की तरह उखड़कर हवा में उड़ने लगे. लोहे के भारी पाइप और पंखे किसी खिलौने की तरह हवा में तैरते दिखे. बवंडर के बाद हुई तेज बारिश ने हालात को और भी बदतर बना दिया.
सामान बिखरा, कई लोग हुए चोटिल
इस प्राकृतिक आपदा में दूल्हा-दुल्हन के लिए लाए गए उपहार और गृहस्थी का सामान खेतों में जाकर बिखर गया. बवंडर की चपेट में आने से कई महिलाएं और बच्चे घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया. विवाह स्थल पर लगी कुर्सियां और भोजन की व्यवस्था भी पूरी तरह नष्ट हो गई.
आपदा के बीच खुले आसमान तले हुए फेरे
इतनी बड़ी तबाही के बावजूद आयोजकों और समाज के लोगों ने हिम्मत नहीं हारी. टेंट उखड़ने और व्यवस्था बिगड़ने के बाद, हालात थोड़े सामान्य होते ही खुले आसमान के नीचे ही विवाह की रस्में शुरू की गईं. जैसे-तैसे 36 जोड़ों के फेरे संपन्न करवाए गए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखों में डर और खुशी दोनों का मिला-जुला भाव था.
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में तबाही
इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में कई बड़े नेता भी आशीर्वाद देने पहुंचे थे. इनमें पूर्व सांसद सुखवीर सिंह जौनापुरिया और सांसद हरीश मीणा शामिल थे. बाद में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


