राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अवैध खनन से जुड़ी वसूली का बड़ा मामला सामने आया है. कोटड़ी थाना क्षेत्र में सक्रिय एक गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि यह गैंग खनन कारोबारियों से हर महीने जबरन वसूली करता था और धमकी देकर अपना नेटवर्क चला रहा था.
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पुलिस के अनुसार, इस गैंग का सरगना अजय पांचाल बताया जा रहा है, जो खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताता था. गिरफ्तारी के बाद अजय पांचाल ने खुद को जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा का करीबी बताया. हालांकि, विधायक ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
विधायक गोपीचंद मीणा ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने ही अवैध खनन की शिकायत पुलिस को दी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई हुई. उन्होंने कहा कि अजय पांचाल से उनका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है और मीडिया में इस तरह की बातें गलत तरीके से पेश की जा रही हैं.
मामले में आया अहम मोड़
इस मामले में एक और अहम मोड़ तब आया जब भीलवाड़ा सदर के पुलिस उपाधीक्षक (IPS) माधव उपाध्याय का नाम भी जांच के दायरे में आया. इस पर भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है. वहीं, 6 अप्रैल 2026 को IPS माधव उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से APO कर दिया.
अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार!
कोटड़ी थाना पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें अजय पांचाल, नंद सिंह (उर्फ पिंटू सिंह), नारायण गुर्जर और कालू गुर्जर शामिल हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अवैध खनन, चोरी और मारपीट जैसे आरोप शामिल हैं.
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि गैंग खनन कारोबारियों को धमकाकर कहता था कि यदि उन्हें अपना व्यवसाय जारी रखना है तो हर महीने पैसे देने होंगे, अन्यथा उनका काम बंद करवा दिया जाएगा. इसी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई.
IPS माधव उपाध्याय ने दी सफाई
वहीं, आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय ने सफाई देते हुए कहा कि अजय पांचाल पहले उनका मुखबिर था और अवैध खनन से जुड़ी सूचनाएं देता था. उन्होंने कहा कि उनका संपर्क केवल सूचनाएं लेने तक सीमित था, लेकिन आरोपी ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर लोगों से वसूली की.
विधायक गोपीचंद मीणा ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वह पिछले छह महीने से इस पूरे मामले की शिकायत कर रहे थे.
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गैंग के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे.
कौन हैं माधव उपाध्याय?
माधव उपाध्याय 2023 बैच के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सदर सर्किल का पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनाया गया था. फिलहाल इस केस में उन्हें APO किया गया है.
मूल रूप से जयपुर के रहने वाले माधव ने अपनी स्कूली पढ़ाई नाना के घर भरतपुर में रहकर पूरी की. इसके बाद MNIT जयपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. UPSC परीक्षा में उन्होंने 148वीं रैंक लाकर आईपीएस सेवा में जगह बनाई है.
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