जयपुर नगर निगम के नए महापौर के चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है. बीजेपी ने वार्ड नंबर 112 से नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है. वहीं, डिप्टी मेयर पद के लिए भवानी सिंह राजावत के नाम पर भरोसा जताया गया है. सुनील कोठारी ने शनिवार को अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है.
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कौन हैं सुनील कोठारी?
सुनील कोठारी लंबे समय से बीजेपी संगठन से जुड़े रहे हैं. वे जयपुर के जाने-माने ज्वेलर कारोबारी भी हैं. पार्टी में वे जयपुर शहर अध्यक्ष, प्रदेश सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. फिलहाल वे बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं.
कुछ महीने ही रहे थे जयपुर शहर अध्यक्ष
सुनील कोठारी को जनवरी 2020 में बीजेपी जयपुर शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी. हालांकि, करीब सात महीने बाद ही उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा. बताया जाता है कि वे अपनी शहर कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाए थे.
कोठारी की छवि सरल और सौम्य नेता की रही है. पार्टी के अलग-अलग गुटों को एक साथ लाने में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. इसी वजह से कार्यकारिणी के गठन में देरी हुई. जिसके बाद अगस्त 2020 में उनसे इस्तीफा ले लिया गया.
इसके बाद करीब ढाई साल तक वे सक्रिय राजनीति में ज्यादा नजर नहीं आए. साल 2023 में पार्टी ने एक बार फिर उन्हें अहम जिम्मेदारी दी. उन्हें प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रबंधन समिति और प्रदेश स्तरीय आर्थिक समिति का सदस्य बनाया गया.अब बीजेपी ने उन्हें जयपुर के मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाकर एक बार फिर भरोसा जताया है.
जयपुर को दो जिलों में बांटने के फैसले का किया था विरोध
सुनील कोठारी संगठन की राजनीति के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं. साल 2023 में अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान में 17 नए जिले बनाने का फैसला किया था. इसी दौरान जयपुर को भी दो जिलों में बांटने का निर्णय लिया गया था. कोठारी ने इस फैसले के खिलाफ 'म्हारा जयपुर, प्यारा जयपुर, हमें चाहिए एक जयपुर' अभियान चलाया था. उन्होंने सामाजिक संगठनों और जयपुर के लोगों को साथ लेकर अभियान चलाया.
उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर जयपुर को दो जिलों में बांटने का फैसला टलता है तो वे सांगानेर के सांगा बाबा मंदिर से आमेर के शिला माता मंदिर तक पदयात्रा निकालेंगे. सरकार बदलने के बाद यह फैसला लागू नहीं हुआ. इसके बाद कोठारी ने 4 फरवरी 2024 को पदयात्रा निकालकर अपना संकल्प पूरा किया.
40 साल की राजनीति में पहली बार लड़ा चुनाव
सुनील कोठारी ने करीब चार दशक पहले राजनीति में कदम रखा था. साल 1987 में उन्हें बीजेपी के युवा मोर्चा में शहर कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी. यह जिम्मेदारी उन्हें लोकसभा स्पीकर और तत्कालीन प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष ओम बिरला ने दी थी.
इसके बाद कोठारी प्रदेश मंत्री, जयपुर शहर जिलाध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. हालांकि, पार्टी ने इससे पहले उन्हें कभी चुनाव मैदान में नहीं उतारा था. इस बार पहली बार उन्होंने चुनाव लड़ा और पार्षद चुने गए. अब पार्टी ने उन्हें महापौर पद का उम्मीदवार बनाया है.
कौन हैं कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुनीता मावर?
बीजेपी के सामने कांग्रेस ने सुनीता मावर को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है. मावर जयपुर के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 118 से कांग्रेस पार्षद हैं.
सुनीता मावर पिछले 20 साल से ज्यादा समय से जयपुर नगर निगम की राजनीति में सक्रिय हैं. वे निगम की कई समितियों की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. उन्हें जयपुर कांग्रेस का प्रमुख महिला ओबीसी चेहरा माना जाता है. पिछले मेयर चुनाव में भी उनका नाम दावेदारों में था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था. इस बार पार्टी ने उन्हें मौका दिया है.
कांग्रेस में गुटबाजी के बीच मावर को उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे कई सियासी समीकरण माने जा रहे हैं. वे लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ी रही हैं. पिछली बार सरकार बदलने के बाद जब कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने बगावत की थी, तब मावर उनके साथ नहीं गई थीं. शहरी इलाकों में उनका संपर्क और निगम की राजनीति का लंबा अनुभव भी उनकी उम्मीदवारी का अहम हिस्सा है.
25 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं. इनमें बीजेपी के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीय 15 पार्षद हैं. मेयर चुनाव के लिए नामांकन 19 सितंबर को हो चुके हैं. अब नामांकन पत्रों की जांच 21 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक होगी. उम्मीदवार 22 सितंबर को दोपहर 3 बजे से पहले अपना नाम वापस ले सकेंगे.
महापौर के लिए मतदान 25 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा. निर्वाचित पार्षद विशेष बैठक में मतदान करेंगे. इसी दिन मतगणना के बाद परिणाम जारी किया जाएगा. इसके बाद 26 सितंबर को उप महापौर का चुनाव होगा. बीजेपी ने इस पद के लिए भवानी सिंह राजावत के नाम की घोषणा की है.
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