मैच के बाद वैभव ने पहला कॉल किसे किया? एक बातचीत जिसने सभी का दिल छू लिया

न्यूज तक डेस्क

30 Apr 2025 (अपडेटेड: Apr 30 2025 9:31 AM)

Vaiibhav Suryavanshi: आईपीएल जैसे मंच पर जीत बड़ी होती है, लेकिन कभी-कभी मैच खत्म होने के बाद जो छोटे-छोटे पल सामने आते हैं, वो हमें याद दिलाते हैं कि खेल के पीछे भी एक दिल धड़कता है, एक सफर होता है, और एक कहानी होती है जो हर दर्शक से जुड़ जाती है. ऐसे ही एक खूबसूरत पल कल के मैच के बाद कैमरा में कैद हो गया.

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तस्वीर: वैभव सूर्यवंशी के इंस्टा से.
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न्यूज़ हाइलाइट्स

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वैभव से जब पूछा गया पहला कॉल किसे करोगे- तो वे मुस्कुराए.

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बोले- पापा को करूंगा..ये मूवमेंट कैमरे में ऐसा कैद हुआ कि वायरल हो गया.

आईपीएल जैसे बड़े मंच पर चमकते चेहरों के पीछे अक्सर वो कहानियां छुप जाती हैं, जो असल में सबसे ज़्यादा चमकदार होती हैं. कल के मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी की टीम की जीत जितनी खास थी, उससे कहीं ज़्यादा खास वो फोन कॉल था जो कैमरे के सामने किया गया.

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पहला कॉल किसे?

मैच के बाद रिपोर्टर ने मुस्कराते हुए सवाल किया, "फोन पर अभी बात नहीं की होगी, पहला कॉल किसे करोगे?", वैभव ने बिना सोचे जवाब दिया, "पहला कॉल पापा को ही करूंगा, ऑफकोर्स." शायद यही वो पल था जब कैमरे के पीछे बैठे लाखों माता-पिता ने अपने बेटे-बेटियों में वैभव को देखा होगा. कोच रोमी सर ने फोन थामकर वैभव के पिता से बात शुरू की, और जो संवाद हुआ, वो खेल से परे एक भावना बन गया.

जब कोच सर ने वैभव के पिता से पूछा की वह कैसे हैं तब वैभव के पिता ने कहा, "ऐसा लग रहा है जैसे सपना देख रहे हैं, अब तक यकीन नहीं हो रहा," पिता की आवाज़ कंपकंपा रही थी, लेकिन उसमें गर्व की गरमी थी. वैभव के पिता ने उनके बेटे की सफलता का श्रेय राजस्थान रॉयल्स की टीम के  सभी कोच को दिया, "वो पिछले 3-4 महीने से आपके साथ है, आपने उसे निखार दिया."

बातचीत में झलकता गर्व और अपनापन

लेकिन रोमी सर ने उस श्रेय को विनम्रता से लौटा दिया, "नहीं सर, ये आपकी मेहनत है, शुरुआत से. हम तो बस एक परिवार की तरह साथ हैं. ये तो अभी बस पहला कदम है, ये तो शुरुआत है," इसपर वैभव के पिता ने कहा, "बिलकुल सही कहा आपने. बहुत-बहुत धन्यवाद और आपको भी ढेर सारी बधाई."

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जब पूछा मां का हाल

कोच ने आगे वैभव की मां के बारे में पूछा "उसकी मां कैसी हैं? खुश तो हैं?" पिता ने जवाब देते हुए कहा की, "वह भी फ़ोन पर हैं, हमारे फोन लगातार बज रहे हैं," और हंसते हुए अपनी खुशी जाहिर करी, वैभव के कोच ने भी सरहाना देते हुए कहा "अब तो पूरा समस्तीपुर कॉल करेगा!"

इस एक छोटी-सी बातचीत में जितना प्रेम, गर्व और संघर्ष भरा था, उतना शायद एक पूरी बायोपिक में न हो. वैभव का यह कॉल सिर्फ एक फोन कॉल नहीं था, यह एक बेटे का पहला ‘थैंक यू’ था अपने पिता को, उस सफर के लिए जो कभी ट्रायल्स के फॉर्म से शुरू हुआ था और आज आईपीएल की रौशनी तक पहुंचा.

इनपुट: गितांशी शर्मा (न्यूज तक के लिए इंटर्नशिप कर रहीं)

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