1st October Rules Change: सितंबर का महीना खत्म होने के साथ ही कल यानी 1 अक्टूबर से आम आदमी की जिंदगी और बजट में कई अहम बदलाव होने जा रहे हैं. महीने की पहली तारीख से रसोई गैस से लेकर बैंक से पैसे निकालने और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की खरीदारी तक, कई चीजें बदलने वाली हैं. त्योहारी सीजन से ठीक पहले होने जा रहे इन बदलावों का सीधा असर हर परिवार की जेब पर पड़ेगा.
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आइए जानते हैं 1 अक्टूबर से लागू होने वाले ऐसे ही 5 प्रमुख बदलावों के बारे में:
1. एलपीजी सिलेंडर की कीमतें और डिलीवरी के नए नियम
1 अक्टूबर से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों के साथ-साथ इसकी डिलीवरी और सब्सिडी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. जहां तेल कंपनियां महीने की पहली तारीख को कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर के नए दाम जारी करेंगी, वहीं उपभोक्ताओं के लिए eKYC (बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन) कराना अनिवार्य हो सकता है, ताकि सब्सिडी का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहे. इसके अलावा, सिलेंडर की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए 'ओटीपी-आधारित डिलीवरी सिस्टम' शुरू हो सकता है, जिसके तहत रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज कराने के बाद ही रसोई गैस सिलेंडर सौंपा जाएगा.
2. हवाई ईंधन (ATF) के बदलेंगे दाम
1 तारीख को विमान ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की नई दरों का भी ऐलान होगा. एटीएफ की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर हवाई यात्रा के टिकटों पर पड़ता है. अगर दाम बढ़ते हैं तो हवाई सफर महंगा हो जाएगा और कटौती होने पर यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सकती है.
3. SBI ग्राहकों के लिए एटीएम से पैसे निकालना होगा महंगा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने खाताधारकों के लिए कैश निकालने के नियमों में बदलाव करने जा रहा है. बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खातों पर महीने में 4 बार मुफ्त निकासी के बाद, हर अतिरिक्त एटीएम विड्रॉल पर 15 रुपये के साथ जीएसटी (GST) देना होगा. सैलरी खाते रखने वालों की मुफ्त मासिक ट्रांजैक्शन लिमिट 10 से घटाकर 5 कर दी गई है. सीमा समाप्त होने के बाद हर अतिरिक्त निकासी पर 23 रुपये प्लस जीएसटी लगेगा. वहीं, नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (जैसे बैलेंस चेक करना) के लिए लिमिट खत्म होने पर 11 रुपये प्लस जीएसटी का शुल्क चुकाना पड़ेगा.
4. टीवी, फ्रिज और एसी की कीमतों में 8% तक की बढ़ोतरी
अगर आप इस फेस्टिव सीजन में टीवी, फ्रिज, एसी या अन्य होम अप्लायंसेज खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. तांबा, स्टील, एल्युमीनियम जैसी धातुओं, कच्चे तेल और माल ढुलाई के खर्च में बढ़ोतरी के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अपने उत्पादों के दाम 8 फीसदी तक बढ़ा सकती हैं.
5. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नियमों में पारदर्शिता
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए निर्देशों के तहत 1 अक्टूबर से बैंकों को एफडी की ब्याज दरें रोजाना सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी. इसके साथ ही, एक ही तारीख को जमा होने वाली समान एफडी पर सभी ग्राहकों को एक समान ब्याज दर देनी होगी. बल्क डिपॉजिट (बड़ी रकम की एफडी) के लिए दिए जाने वाले अलग-अलग ब्याज दरों के नियमों में भी बदलाव किया जा रहा है ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.
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