Agra Viral News: जूते पहनकर स्तंभ पर चढ़ें! अंबेडकर जयंती पर परशुराम स्मारक पर 'भीम आर्मी' का बवाल?

आगरा में अंबेडकर जयंती की रैली के दौरान परशुराम चौक पर जूते पहनकर चढ़ने और झंडा लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ब्राह्मण समाज ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि पुलिस ने तोड़फोड़ की खबरों को महज अफवाह बताया है.

बिहार
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कुमार अभिषेक

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उत्तर प्रदेश के आगरा में अंबेडकर जयंती के पावन मौके पर उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब आवास विकास कॉलोनी स्थित परशुराम चौक पर विवाद हो गया. आरोप है कि अंबेडकर जयंती की रैली निकाल रहे कुछ युवकों ने भगवान परशुराम स्तंभ के साथ अभद्रता की, जिससे इलाके में जातीय तनाव फैल गया. स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

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क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल की दोपहर करीब 12:30 बजे भीम आर्मी से जुड़े कुछ युवा अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में बाइक रैली निकाल रहे थे. जब यह रैली सेक्टर-6 स्थित परशुराम चौक पर पहुंची, तो आरोप लगा कि कुछ युवक जूते-चप्पल पहनकर परशुराम स्तंभ के ऊपर चढ़ गए और वहां नीला झंडा लगा दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही ब्राह्मण समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया.

ब्राह्मण समाज ने जताई कड़ी आपत्ति

घटना की जानकारी मिलते ही ब्राह्मण समाज के लोग बड़ी संख्या में परशुराम चौक पर जमा हो गए. समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ अराजक तत्वों ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए उनके आराध्य देव के चौक पर जूते पहनकर चढ़ने की हिमाकत की है. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया गया है. ब्राह्मण समाज ने दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनशन करेंगे.

पुलिस का पक्ष: "अफवाहों पर ध्यान न दें"

वहीं, मौके पर पहुंचे एसीपी शेषमणि उपाध्याय ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ युवकों ने चौक पर खड़े होकर सेल्फी ली थी और झंडा लगाया था, लेकिन किसी भी तरह की तोड़फोड़ या प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वहां परशुराम जी की कोई प्रतिमा नहीं है, केवल उनके नाम पर बना स्तंभ है. पुलिस का कहना है कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैला रहे हैं, जबकि स्थिति नियंत्रण में है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भारी बल तैनात कर दिया है. पुलिस वीडियोग्राफी और वायरल वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

 

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