Prateek Yadav death: प्रतीक की डॉक्टर रुचिका का हैरान करने वाला खुलासा, मौत के पीछे की पूरी कहानी और चोट की पूरी डिटेल पता चली

सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के सौतेले भाई और दिवंगत Mulayam Singh Yadav के बेटे प्रतीक यादव की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म से कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स की बात सामने आई है. मेदांता की डॉक्टर रुचिका शर्मा ने बीमारी की गंभीरता और ब्लड थिनर ट्रीटमेंट को लेकर अहम जानकारी दी.

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प्रतीक का ट्रीटमेंट कर रही डॉ. रुचिका शर्मा ने बताया उनकी बीमारी की पूरी डिटेल.

कुमार अभिषेक

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और दिवंगत मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की बुधवार तड़के निधन हो गया. उनकी मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बातें सामने आईं. रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक की डेथ मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म (Massive Pulmonary Thromboembolism) के कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स (Cardiorespiratory Collapse) से हुई. आसान भाषा में कहें तो फेफड़ों की धमनी में खून का थक्का जमने की वजह से हृदय और श्वसन तंत्र ने काम करना बंद कर दिया था.  हालांकि रिपोर्ट में प्रतीक के कई घावों का भी जिक्र था. ये घाव ज्यादा पुराने नहीं थे. 

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प्रतीक यादव (38) की मौत के मामले में यूपी तक ने मेदांता के उस डॉक्टर से बात की जो प्रतीक का ट्रीटमेंट कर रही थीं. मेदांत अस्पताल की डॉक्टर रुचिका शर्मा ने बताया कि प्रतीक को पलमोनरी एंबॉलिज्म नाम की बीमारी थी. वे ब्लड थिनर पर चल रहे थे. ये बीमारी कितनी गंभीर होती है इसके बारे में भी उन्हें बताया गया था. 29 अप्रैल को प्रतीक डॉ. रुचिका के पास गए थे. तब उनकी हालत काफी गंभीर थी. 

क्या है पलमोनरी एंबॉलिज्म ?

पलमोनरी एंबॉलिज्म (Pulmonary Embolism) एक गंभीर मेडिकल स्थिति है. जिसमें फेफड़ों की रक्त वाहिका (Pulmonary Artery) में खून का थक्का (Blood Clot) फंस जाता है. इससे फेफड़ों तक रक्त का प्रवाह रुक या कम हो सकता है. 

डॉ. रुचिका ने बताया कि प्रतीक की पलमोनरी एंबॉलिज्म की बीमारी बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंची हुई थी. वह ब्लड थिनर पर चल रहे थे. उनकी बीमारी की गंभीरता के बारे में उन्हें बताया भी गया था. डॉक्अर रुचिका ने आगे कहा- प्रतीक यादव लगातार ब्लड थिनर पर थे, लेकिन अचानक उनकी बीमारी ऐसी बढ़ जाएगी हमें अंदाजा नहीं था.  

चोट लगने की हिस्ट्री पुरानी 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान पर डॉक्टर रुचिका ने कहा- 'चोट लगने की उनकी पुरानी हिस्ट्री है, जो कि मैं भी जानती हूं.  29 अप्रैल को जब आए थे तब बाथरूम में गिर गए थे. वह चोट भी उनको थी. इसके अलावा कल भी वह किचन में गिरे थे वह भी चोट रही होगी. जब आदमी इस बीमारी से गुजरता है तो अचानक कई बार वह गिरता है...जिसमें चोट लगती है.  मुझे लगता है कि जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है वह उनकी बीमारी की हिस्ट्री से पूरी तरीके से मैच कर रहा है.  

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