रवि किशन ने खुद को बताया सीएम योगी का 'स्ट्रेस बूस्टर', अखिलेश बोले- सरकार है या सर्कस?

रवि किशन द्वारा खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'स्ट्रेस बूस्टर' बताए जाने पर अखिलेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे 'सरकार नहीं सर्कस' करार दिया है. अखिलेश ने कहा कि सांसद जनता का प्रतिनिधि होता है, मुख्यमंत्री का मनोरंजन करने वाला विदूषक या खिलौना नहीं.

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

कुमार अभिषेक

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. विवाद की जड़ बना है गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन का एक बयान, जिसमें उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'स्ट्रेस बूस्टर' (तनाव दूर करने वाला) बताया था. इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोलते हुए पूछा है कि क्या जनता का प्रतिनिधि मुख्यमंत्री का खिलौना होता है?

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रवि किशन का बयान: 'मैं महाराज जी का स्ट्रेस बूस्टर हूं'

अक्सर सार्वजनिक मंचों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रवि किशन के साथ हंसी-मजाक करते और चुटकी लेते देखा जाता है. हाल ही में एक कार्यक्रम में रवि किशन ने कहा कि मुख्यमंत्री की हंसी और उनका मनोरंजन करना एक 'संत का आनंद' है और वे उनके लिए 'स्ट्रेस बूस्टर' की तरह काम करते हैं. रवि किशन ने इसे एक गुरु-शिष्य या बड़े भाई-छोटे भाई के रिश्ते के रूप में पेश किया.

अखिलेश यादव का 'X' पर तीखा पलटवार

अखिलेश यादव ने रवि किशन के इस बयान और मुख्यमंत्री द्वारा मंच से ली गई चुटकियों को लेकर सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा: सरकार या सर्कस? "सांसद जनता का प्रतिनिधि होता है, मुख्यमंत्री का खिलौना नहीं. यह भाजपा सरकार है या सर्कस?"

अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता दुख-दर्द झेल रही है और भाजपा के लोग आपस में 'विदूषक-विदूषक' खेल रहे हैं. सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि ऐसे जनप्रतिनिधियों के कारण गोरखपुर आज शर्मिंदा है. उन्होंने तंज कसा कि मुख्यमंत्री तनाव में हैं क्योंकि उनका सत्ता से जाना तय है.

सीएम योगी की वो 'चुटकियां' जो बनीं चर्चा का विषय

वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर गोरखपुर के मंचों से रवि किशन को लेकर कुछ ऐसी बातें कहते हैं जो सुर्खियां बन जाती हैं:

छुट्टी मिलने की बात: हाल ही में सीएम ने कहा था, "लोग चाहते हैं कि रवि किशन से अब छुट्टी मिल जाए." उन्होंने इशारा किया कि 2029 में यह सीट महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित हो सकती है.

बुलडोजर का डर: एक बार सीएम ने मजाक में कहा था कि रवि किशन का घर नाले पर बना है, उस पर भी बुलडोजर चल सकता है.

एक्टिंग पर तंज: उन्होंने यह भी कहा था कि जब इनके पास कोई काम नहीं था तो ये नाचने-गाने और फिल्मों में चले गए.

क्या यह केवल मजाक है?

राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव अब रवि किशन के बहाने मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहे हैं. विशेषकर ब्राह्मण बिरादरी से आने वाले रवि किशन को 'विदूषक' और 'खिलौना' बताकर अखिलेश यह संदेश देना चाहते हैं कि बीजेपी में जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं है. वहीं, मुख्यमंत्री की बातों को कुछ लोग 'बैटवीन द लाइंस' पढ़ रहे हैं कि सांसद जी को मनोरंजन के साथ-साथ जनता और कार्यकर्ताओं के बीच अधिक समय बिताने की जरूरत है.

 

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