संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और पूर्व सांसद स्मृति ईरानी के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली. अखिलेश यादव ने सदन में चर्चा के दौरान स्मृति ईरानी पर 'सास-बहू' वाला तंज कसा, तो वहीं स्मृति ईरानी ने इसे अपनी अस्मिता और मेहनत से जोड़ते हुए अखिलेश को उनकी पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दे डाली है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
ADVERTISEMENT
'सास-बहू' वाला तंज और आरक्षण पर सवाल
सदन में महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी बात रखते हुए अखिलेश यादव ने इसके मौजूदा स्वरूप पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि अगर सीटें रिजर्व कर दी जाएंगी, तो मुकाबला केवल महिलाओं के बीच ही सिमट कर रह जाएगा. उन्होंने सुझाव दिया कि आरक्षण का आधार राजनीतिक दल होना चाहिए ताकि पार्टियां खुद तय करें कि वे कितनी महिलाओं को लड़ाना चाहती हैं. इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'सास-बहू वाली तो हार गई हैं, आपकी पार्टी को तो अब मौका मिलेगा.' उनका इशारा अमेठी से स्मृति ईरानी की हार की ओर था, जो अपने करियर के शुरुआती दिनों में मशहूर टीवी सीरियल 'क्योंकी सास भी कभी बहू थी' के लिए जानी जाती थीं.
स्मृति ईरानी का तगड़ा पलटवार
अखिलेश यादव के इस बयान पर स्मृति ईरानी ने वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए जोरदार पलटवार किया. उन्होंने कहा कि पैतृक सीट से चुनाव लड़ना बहुत आसान है. स्मृति ने अपनी मेहनत का जिक्र करते हुए कहा, 'मुझ जैसी कामकाजी औरत ने किसी और के गढ़ में जाकर परचम गाड़ा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराया है. अगर अखिलेश यादव में इतना ही दमखम है, तो अपनी पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं.' = उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, वे केवल ठहाके लगा सकते हैं, लेकिन किसी और के गढ़ में जाकर जीतने का दम उनमें नहीं है.
कामकाजी महिलाओं के अपमान का लगाया आरोप
स्मृति ईरानी यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने अखिलेश यादव की टिप्पणी को कामकाजी महिलाओं का अपमान बताया. उन्होंने कहा कि एक गंभीर राजनेता के पास इतना समय नहीं होता कि वह बैठकर सीरियल देखे, लेकिन अखिलेश यादव को अभी भी 'सास-बहू' के सीरियल याद आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि संसद का समय महिला आरक्षण जैसे गंभीर विषय पर चर्चा के लिए होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत तंज कसने के लिए. स्मृति ने यह भी साफ किया कि उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें विपक्ष में ही रखेगी क्योंकि उनकी राजनीति धरातल से कटी हुई है.
महिला आरक्षण विधेयक पर गृह मंत्री देंगे विस्तृत जानकारी
विधेयक की बारीकियों और सीटों की संख्या में होने वाली बढ़ोतरी पर स्मृति ईरानी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह आज सदन में इस पर विस्तृत जानकारी दें. उन्होंने बताया कि कल गृह मंत्री ने संक्षेप में अपनी बात रखी थी, लेकिन आज इसके संवैधानिक संशोधनों और भविष्य की रूपरेखा पर पूरी स्थिति स्पष्ट की जाएगी. फिलहाल, अखिलेश का तंज और स्मृति की चुनौती सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.
यहां देखें वीडियो
बीजेपी की बड़ी तैयारी, 2027 से पहले बदलेगा उत्तरप्रदेश का पूरा समीकरण, नए चेहरों को मिल सकता है मौका
ADVERTISEMENT


