जालौन में अचानक क्यों रुका अतीक के बेटे अली का काफिला? भाई अबान की मिट्टी में शामिल होने झांसी से निकला था प्रयागराज

न्यूज तक डेस्क

• 03:56 PM • 08 Aug 2026

झांसी जेल से प्रयागराज ले जाए जा रहे अतीक के बेटे अली अहमद का काफिला सुरक्षा कारणों के चलते जालौन में अचानक रोक दिया गया. इसके बाद पुलिस प्रशासन ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का तय रास्ता बदलकर काफिले को झांसी-कानपुर हाईवे के रास्ते आगे बढ़ाया.

अली अहमद
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अतीक अहमद के बड़े बेटे अली अहमद को झांसी जेल से प्रयागराज ले जाते समय रास्ते में पुलिस का काफिला अचानक रुक गया. इस दौरान न सिर्फ कुछ देर के लिए गाड़ी रुकी, बल्कि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए काफिले का रूट भी बदल दिया गया. माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके बड़े भाई अली अहमद को हाईकोर्ट से पैरोल मिली है. अली अपने छोटे भाई को अंतिम विदाई देने और जनाजे में शामिल होने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी जेल से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ. हालांकि, सफर के दौरान जालौन जिले में कुछ ऐसा हुआ जिससे एक बार फिर हड़कंप मच गया.

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2 मिनट के लिए रुका काफिला, फिर बदला गया रूट

झांसी-कानपुर हाईवे पर कैथेरी टोल प्लाजा और एट थाना क्षेत्र (बड़ा गांव) के पास पुलिस का यह काफिला अचानक लगभग 2 मिनट के लिए रुका. इस दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी वैन से बाहर और अंदर जाते दिखे. पहले अली अहमद को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते प्रयागराज ले जाने की योजना थी, लेकिन ऐन मौके पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक कारणों से इसका रूट बदल दिया. अब यह काफिला बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बजाय झांसी-कानपुर हाईवे से होकर आगे बढ़ाया गया. सफर के दौरान काफिले के साथ एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी भी शामिल देखी गई.

झांसी जेल के बाहर सुबह से ही अलर्ट पर थी पुलिस

  • झांसी जेल से अली अहमद को निकालते समय सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे.
  • जेल के मुख्य गेट से सटाकर प्रिजनर वैन (वज्र वाहन) को खड़ा किया गया.
  • अली को पूरी तरह ढकी हुई गाड़ी में बैठाया गया ताकि कोई सीधी तस्वीर न ली जा सके.
  • इस दौरान कैमरे में कैद हुई अली की एक झलक में उसके चेहरे पर खामोशी और आंखों में उदासी साफ देखी गई.

हाईकोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ दी है पैरोल

अपने भाई अबान की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए अली और उमर ने पैरोल की मांग की थी. हाईकोर्ट ने कुछ बेहद कड़े नियमों के तहत यह राहत दी है:

  • अली मीडिया से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं करेगा.
  • सोशल मीडिया पर कोई बयान या रिएक्शन जारी नहीं किया जाएगा.
  • किसी भी सार्वजनिक सभा या राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
  • सीधे प्रयागराज स्थित कब्रिस्तान जाना होगा और अंतिम संस्कार प्रक्रिया के बाद तुरंत वापस झांसी जेल लौटना होगा.

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