उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शिवरात्रि के पावन अवसर पर इस बार एक बड़ा विवाद देखने को मिला. लोधा थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध खेरेश्वर धाम शिव मंदिर में जलाभिषेक के दौरान कथित करणी सेना के जिला अध्यक्ष सचिन राघव और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई. मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस ने नेताजी को हिरासत में लिया और शांति भंग की आशंका में जेल भेज दिया. आइए विस्तार से जानते है मामले की पूरी कहानी.
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क्या है विवाद की जड़?
घटना के अनुसार, मंदिर परिसर के बाहर सड़क किनारे कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी दुकानें लगाए हुए थे. बताया गया कि इन दुकानों पर महिलाओं के अंडरगारमेंट्स भी बेचे जा रहे थे, जिस पर करणी सेना के जिला अध्यक्ष सचिन राघव ने आपत्ति जताई. उन्होंने मौके पर माइक संभाल लिया और खुलेआम विरोध शुरू कर दिया. आरोप है कि इस दौरान उन्होंने काफी विवादित और भड़काऊ बयानबाजी की, जिससे वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के बीच माहौल गरमाने लगा.
सीओ से तीखी बहस और गिरफ्तारी
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात सीओ संजीव तोमर ने हस्तक्षेप किया और सचिन राघव को भड़काऊ भाषण देने से रोकने की कोशिश की. लेकिन नेताजी पुलिस से ही उलझ गए और सीओ के साथ उनकी तीखी बहस हो गई. स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सचिन राघव को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
पहले भी जा चुके हैं जेल
सचिन राघव के लिए यह पहला मामला नहीं है. जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी वह मुस्लिम समाज के खिलाफ बेतुकी बयानबाजी और हेट स्पीच के मामले में जेल जा चुके थे. हाल ही में वे जमानत पर बाहर आए थे, लेकिन दोबारा इसी तरह के विवाद में उलझने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. पुलिस ने साफ कर दिया है कि धार्मिक आयोजनों में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
फिलहाल, अलीगढ़ पुलिस ने सचिन राघव का शांति भंग की धाराओं में चालान कर उन्हें जेल भेज दिया है और मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.
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