Ankit Balyan Case Shooter Mohit Encounter: उत्तर प्रदेश के शामली में हुए अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल दो शार्प शूटरों को यूपी पुलिस और एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों में से एक की पहचान 22 वर्षीय मोहित उर्फ जंगली के रूप में हुई है. सोनीपत के बैपपुर गांव में रहने वाले मोहित के घर जब हरियाणा तक की टीम पहुंची तो परिवार को उसके एनकाउंटर में मारे जाने की खबर मिली. बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां हक्की-बक्की रह गई और बेसुध हो गई. उसकी मां के मुताबिक उसे करीब 6 महीने पहले ही घर से बेदखल कर दिया था. इसके अलावा घरवालों ने आरोपी को लेकर कई और चौंकाने वाली बातें बताई हैं.
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9वीं के बाद स्कूल छोड़ा, दोस्तों के झगड़े से जेल पहुंचा
मोहित के बैकग्राउंड के बारे में जानकारी देते हुए उसकी मां ने बताया कि वह सिर्फ नौवीं क्लास तक पढ़ा-लिखा था. इसके बाद वह गलत संगति में पड़ गया. सबसे पहले वह अपने दोस्तों के साथ हुई मारपीट और लड़ाई-झगड़े के मामले में जेल गया था. जेल से बेल पर बाहर आने के बाद वह सुधरने के बजाय अपराध के दलदल में धंसता चला गया और धीरे-धीरे कुख्यात गोगी गैंग में शामिल हो गया.
'मम्मी मैं अपराध की दुनिया से बाहर निकलना चाहता था'
मोहित की मां ने रोते हुए बताया कि परिवार ने उसकी गलत हरकतों से तंग आकर करीब 6 महीने पहले उसे बेदखल कर दिया था. आखिरी बार जब 4-5 महीने पहले उससे बात हुई थी, तब उसने कहा था, 'मम्मी मैं इस अपराध की दुनिया से बाहर निकलना चाहता हूं और अपना घर बसाना चाहता हूं.' लेकिन पुराने मुकदमे और आपराधिक गिरोह के दबाव के चलते वह गांव छोड़कर चला गया और दोबारा वापस नहीं आया.
शुरूआती जानें जांच में क्या पता चला?
शुरूआती जांच में सामने आया है कि मोहित अपने साथी सुमित के साथ फर्जी नंबर प्लेट लगी स्प्लेंडर बाइक से शामली पहुंचा था. वहां होटल सूर में रुककर उन्होंने अंकित बालियान की बाकायदा रेकी की थी और फिर जिम के बाहर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं. एनकाउंटर में मोहित के मारे जाने के बाद जहां पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है, वहीं बेदखल कर चुके परिवार में मातम का माहौल है.
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