16 अगस्त को अचानक उत्तर प्रदेश के मेरठ पुलिस लाइंस में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अनु कॉलिस को सस्पेंड कर दिया गया. उसके बाद अनु कॉलिस का नाम हर जगह चर्चा में बन गया. और चर्चा के पीछे की वजह भी थी उनका सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा वीडियो. अनु कॉलिस जो कि महिला दारोगा पद पर तैनात है, उनपर अश्लील कंटेंट बनाने और QR कोड से पैसे कमाने जैसे आरोप लगाए गए थे. हालांकि विवाद के लगभग के एक सप्ताह बाद अनु खुद सामने आई और पूरे मामले पर खुलकर जवाब दिया. अनु से साफ कहा है उनके खिलाफ जान-बूझकर माहौल बनाया गया और इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अनु कॉलिस कौन हैं? आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
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अनु कॉलिस कौन हैं?
चर्चा का केंद्र बनी अनु कॉलिस 2023 बैच की अधिकारी है और वह उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह प्रयागराज की रहने वाली है. मेरठ में पोस्टिंग के दौरान अनु रोहटा और ब्रह्मपुरी थाने में भी तैनात रह चुकी है. इसके बाद वह मेरठ पुलिस लाइंस और SSP ऑफिस से जुड़ी रही.
सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं अपनी एक्टिविटीज
सस्पेंडेंड महिला दारोगा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थी और वहां अपने एक्टिविटीज को शेयर किया करती थी. अनु अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फिटनेस टिप्स, जिम वर्कआउट और निजी जिंदगी से जुड़े वीडियोज शेयर करती थी. इसी बीच अगस्त 2026 में उनके एक वीडियो के बाद वह अचानक चर्चा में आ गई. इस वीडियो में अनु ने जो ड्रेस पहन रखा था, उसे लेकर लोगों ने आपत्ति जताई और उसे लेकर कई तरह के सवाल भी उठाए. इसी वीडियो में एक QR कोड भी दिखाई दे रहा था, जिसके बाद अनु पर आरोप लगे कि वह आपत्तिजनक वीडियोज बनाती है और QR के जरिए पैसे भी कमाती है.
विवाद के एक हफ्ते बाद अनु ने तोड़ी चुप्पी
जैसे ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया, तब तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे ने उन्हें सस्पेंड कर दिया. अब विवाद के एक हफ्ते के बाद अनु ने अपनी चुप्पी तोड़ी और लाइव आकर खुलकर सारी बातें बताई है. अनु ने इस लाइव के दौरान उन्हीं कपड़ों को पहना था, जिसे लेकर विवाद हुआ. उन्होंने वीडियो में साफ-साफ कहा कि, इस विवाद की वजह ने उन्हें पूरी तरह मानसिक रूप से तोड़ दिया है और वे डिप्रेशन के दौर से गुजर रही है.
ड्रेस को लेकर अनु ने क्या कहा?
जिस ड्रेस को लोगों ने आपत्तिजनक बताया था, अनु ने उसे लेकर अपनी सफाई दी है. अनु ने बताया कि इस ड्रेस को उन्होंने अपनी माम के साथ आगरा के एक मॉल से खरीदी थी और इसे पहनना उनकी पर्सनल चॉइस है. उन्होंने साफ कहा कि वह एक रोमन कैथलिक और एंग्लो-इंडियन फैमिली से आती है और उनके घर में ऐसे कपड़े पहनना सामान्य है. कॉलिस ने तो यहां तक कहा कि उनके इस तरह के कपड़े पहनने से उनके मां-बाप या भाई को भी दिक्कत नहीं है, तो दूसरों को इससे क्या परेशानी है?
QR कोड का भी खोला राज
अनु कॉलिस ने वीडियो में मौजूद QR कोड को लेकर जो आरोप लगाए गए थे, उनपर भी जवाब दिया. उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए बताया, जो QR कोड दिख रहा है वह किसी फंडिंग या डोनेशन के लिए नहीं बल्कि, उनके इंस्टाग्राम हैंडल का है. उनका कहना है कि QR कोड के माध्यम से वह फॉलोअर्स को बढ़ाना चाहती थी, इसलिए वहां लगाया गया था.
वीडियो शेयर करने वाले पर लगाए गंभीर आरोप
सस्पेंडेंड महिला दारोगा ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अमिल किल्होर पर गंभीर आरोप लगाए है. उन्होंने कहा कि अमित ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो लेकर अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किया और माहौल बनाया. अनु ने साफ कहा कि, अगर उनके कंटेंट को लेकर कोई भी आपत्ति थी तो पुलिस विभाग या संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा सकती थी. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग में शिकायत करने के बजाय वीडियो को सोशल मीडिया पर क्यों शेयर किया गया?
16 अगस्त को हुई थी सस्पेंड
वीडियो वायरल होने के बाद 16 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे ने अनु कॉलिस को सस्पेंड कर दिया था. अनु कॉलिस के खिलाफ विभागीय जांच CO कार्यालय की सौम्या सिंह को सौंपी गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सारे तथ्यों और डिजिटल एविडेंस की तकनीकी जांच साइबर सेल कर रही है.
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