Ashutosh Brahmachari Interview: आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में हुए कथित हमले ने सभी को हैरान कर दिया था. घटना के बाद ममाले में उन्होंंने कई लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है. वही इस बीच घटना को लेकर उनसे हमारे सहयोगी यूपी तक ने बात की है. इस दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी घटना वाली रात की उनके साथ क्या क्या हुआ था, इसे लेकर पूरी कहानी बताई है. उन्होंने बताया कि यह हमला कोई साधारण घटना नहीं थी, ये एक सुनियोजित साजिश थी. आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि हमलावर ने उन पर वार करते समय साफ कहा था कि वह उनके गुरु के खिलाफ दर्ज मुकदमों का बदला लेने आया है. उन्होंने घटना को लेकर और क्या क्या कहा विस्तार से पढ़िए इस खबर में...
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रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में खूनी खेल
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि वह शामली से गाजियाबाद पहुंचे और वहां से प्रयागराज के लिए रीवा एक्सप्रेस पकड़ी थी. सुबह करीब 5:00 बजे जब वह सिराथू स्टेशन के पास शौचालय के लिए उठे तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे एक युवक ने उन पर हमला कर दिया. हमलावर ने उनके पास आकर पीछे से पकड़ा और धारदार उस्तरे से उनकी नाक पर वार कर दिया. आशुतोष के अनुसार, उन्होंने अपनी खड़ाऊं यानी लकड़ी की चप्पल से बचाव की कोशिश की और आरोपी को धक्का देखकर खुद को बाथरूम में बंद कर लिया जिससे उनकी जान बच सकी.
हमलावर ने लिया शंकराचार्य और साध्वी का नाम
इंटरव्यू के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि हमलावर लगातार कह रहा था कि "तुमने हमारे गुरु शंकराचार्य के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखवाया है, हम तुम्हारी नाक काटकर उनके चरणों में चढ़ाएंगे." इसके अलावा हमलावर ने किसी साध्वी का भी नाम लिया और खुद को उनके गैंग का सदस्य बताया.आशुतोष का आरोप है कि इस हमले के पीछे मुकुंदानंद और उनकी महिला मित्र का हाथ हो सकता है, जिसकी सच्चाई नार्को टेस्ट के बाद सामने आएगी.
खुद पर हमला करने के आरोपों का दिया करारा जवाब
खुद को घायल करने के आरोपों पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने जवाब दिया. उन्होंने सवाल पूछते हुए ये कहा कि क्या कोई अपनी नाक खुद काटता है? नाक पर हुए हमले में उन्होंने कहा कि चाेट के बाद एक बोतल से ज्यादा खून बहा है. साथ ही उन्होंने ट्रेन अटेंडेंट के बयानों को भी संदिग्ध बताया और कहा कि हमलावरों के संपर्क अटेंडेंट से हो सकते हैं क्योंकि घटना के तुरंत बाद विरोधियों के पास अटेंडेंट के हवाले से जानकारी पहुंच गई थी.
पेनड्राइव और डिजिटल साक्ष्यों के साथ पहुंचे कोर्ट
महाराज जी ने स्पष्ट किया कि वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर अपना जवाब और साक्ष्य दाखिल करने प्रयागराज आए हैं. उनके पास पेनड्राइव और कई ऐसे डिजिटल एविडेंस हैं जो स्वामी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत बड़ी सजा दिलाने के लिए पर्याप्त हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बटुकों के साथ गलत काम और रैगिंग की गई है. इन साक्ष्यों को सार्वजनिक न करने के पीछे उन्होंने तर्क दिया कि वे सबूतों की फॉरेंसिक जांच कोर्ट के जरिए कराना चाहते हैं ताकि विरोधी इसे एआई (AI) जनित बताकर पल्ला न झाड़ सकें.
सुरक्षा की चिंता छोड़ अपनी सजा की फिक्र करें विरोधी
जब उनसे पूछा गया कि स्वामी उनकी सुरक्षा बढ़ाने की बात कह रहे हैं, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया. उन्होंने कहा कि "मुझे उनकी सहानुभूति की जरूरत नहीं है, मां बगलामुखी मेरी रक्षा करेंगी." उन्होंने आज से ही मां बगलामुखी की विशेष आराधना शुरू कर दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी संत अब मठ छोड़कर भागने की फिराक में हैं और शायद विदेश भी जा सकते हैं, जिसे रोकने के लिए वह अदालत से गुहार लगाएंगे.
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