गर्लफ्रेंड, शादी और 1 बच्चा...अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आशुतोष महाराज के नए दावे! कर दी DNA जांच की मांग

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर ब्रह्मचारी आशुतोष महाराज ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने गोपनीय शादी और बच्चे का दावा करते हुए डीएनए टेस्ट की मांग उठाई है. इस खुलासे के बाद संत समाज और धार्मिक हलकों में विवाद और भी गहरा गया है.

Ashutosh Maharaj on Avimukteshwaranand Saraswati
Ashutosh Maharaj on Avimukteshwaranand Saraswati

शरद मलिक

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Ashutosh Maharaj on Avimukteshwaranand Saraswati: ज्योतिष पीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और ब्रह्मचारी आशुतोष महाराज के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब एक बार फिर आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. आशुतोष महाराज ने दावा है कि शंकराचार्य की एक कथित गर्लफ्रेंड थी. इनसे शंकराचार्य ने एक गोपनीय शादी की हुई है, जिससे उनका एक बच्चा भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब शंकराचार्य परंपरा की मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है. आशुतोष महाराज ने कहा ये किसी प्रकार के संत नहीं है, ये फर्जी हैं. इसके साथ ही उन्होंने और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं. आशुतोष महाराज का कहना है कि वे जल्द ही इस सच को जनता के सामने लाएंगे.

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गोपनीय पत्नी और बच्चे का सनसनीखेज दावा

दरअसल, आशुतोष महाराज ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने संन्यास मार्ग में आने से पहले ही उनका रिश्ता तय हो गया था. उनकी एक प्रेमिका रही है, जिससे उनकी गोपनीय शादी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि वो महिला उनके साथ ही रहती है. उनका एक पुत्र भी है और वे इस समय विद्यापीठ में संस्कृत की शिक्षा ले रहा है. उन्होंने दावा किया कि अविमुक्तेश्वरानंद इस बच्चे को भविष्य में उत्तराधिकारी बनाने की योजना है.

सच जानने के लिए डीएनए टेस्ट की मांग

बताचीत के दौरान आशुतोष महाराज ने अपनी सनातन न्याय यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी की गरिमा को बचाना और उनकी परंपरा को कायम रखना है. उन्होंने आरोप लगाया कि गद्दी पर बैठा व्यक्ति कोई संत नहीं बल्कि एक नेता की तरह व्यवहार कर रहा है. महाराज ने मांग की है कि इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए विद्यापीठ के रिकॉर्ड खंगाले जाएं और संबंधित पक्षों का डीएनए टेस्ट कराया जाए.

''भगवान के नाम पर मठ को कर रहे हैं बदनाम''

आशुतोष महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद को फर्जी शंकराचार्य करार देते हुए कहा कि वो भगवान के नाम पर मठ को बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने कोर्ट के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि वे पीठ के असली शंकराचार्य नहीं हैं. उनके अनुसार शास्त्रों में शंकराचार्य की गद्दी के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले विद्वान व्यक्ति की आवश्यकता होती है जबकि यहां स्थिति इसके विपरीत है. उन्होंने खुले तौर पर चुनौती दी है कि यदि जांच कराई जाए तो उनके द्वारा किए गए खुलासे सच साबित होंगे.

कौन हैं आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज?

ब्रह्मचारी आशुतोष महाराज शाकुंभरी पीठाधीश्वर और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं. उन्होंने ही प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर माघ मेला के दौरान नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाया था. इस मामले में कोर्ट के आदेश पर एफआईआर भी दर्ज हुई थी जिसमें बाद में हाईकोर्ट से शंकराचार्य को अग्रिम जमानत मिल गई. हालांकि इस विवाद के बीच आशुतोष महाराज के अपने आपराधिक इतिहास को लेकर भी कई दावे किए जाते रहे हैं.

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