अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर और घोटाले के आरोपों ने इस समय पूरे देश में तहलका मचा रखा है. इस पूरे मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी तफ्तीश पूरी कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, SIT ने 140 पन्नों की एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की है जो जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश की जाएगी. इस बीच, SIT की जांच से छनकर आ रही खबरों ने अयोध्या के साधु-संतों के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.
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बंद कमरे में 3 घंटे पूछताछ, 25 लोगों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार SIT ने अपनी 6 दिनों की जांच के दौरान लगभग 150 संदिग्धों से पूछताछ की है. इस जांच के घेरे में राम मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी भी शामिल हैं, जिनसे बंद कमरे में करीब 3 घंटे तक गहन पूछताछ की गई है. बताया जा रहा है कि इस 140 पन्नों की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं और जिम्मेदारियों को चिन्हित किया गया है, जिसके आधार पर जल्द ही करीब 25 लोगों पर बड़ी कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है.
भगवान का हक मार रहे हैं
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद कानूनी विवाद के मुख्य पक्षकारों में से एक और अयोध्या के वरिष्ठ संत महंत धर्मदास महाराज ने इन आरोपों पर गहरा दुख और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है. उन्होंने सीधे तौर पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा:
"यह पूरे भारतवर्ष में जितना बड़ा निंदनीय कार्य इन लोगों ने किया है, इसकी सजा का कोई मापदंड नहीं है. ब्राह्मण और साधु-संतों का हक मारना, भगवान का हक मारना कितना बड़ा अपराध है. साधु-महात्माओं को सताकर और ब्राह्मणों का अनहित करके कभी किसी का वंश नहीं चलता है."
महंत धर्मदास ने आगे आरोप लगाया, "इन लोगों की लापरवाही, लालच और लोभ की वजह से समाज में इतना बुरा प्रचार हुआ है. बहुत से फालतू आदमियों को राम जन्मभूमि में घुसाकर लूट मचाई गई है और यह खेल आज से नहीं बल्कि शुरू से चल रहा है."
सीएम योगी किसी चोर को नहीं बख्शेंगे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अपना पूरा भरोसा जताते हुए महंत धर्मदास ने कहा कि योगी जी खुद एक मठ-मंदिर (गोरखनाथ मंदिर) से आते हैं और वे जानते हैं कि साधु-संत कैसे व्यवस्था चलाते हैं. उन्होंने कहा: "गोरखनाथ मंदिर में कोई एक रुपया भी इधर-उधर नहीं कर सकता, वहां रोज का रोज हिसाब होता है. अगर कोई गलती करता है तो उसकी पिटाई भी होती है. हमें पूर्ण विश्वास है कि सीएम योगी द्वारा बैठाई गई SIT जांच में पूरा सत्य बाहर आ जाएगा. योगी जी किसी चोर को नहीं बख्शेंगे, और अगर वे बख्श भी दें, तो भगवान उन्हें कभी नहीं बख्शेंगे."
ट्रस्ट व्यवस्था खत्म करने की मांग
अयोध्या के संतों और शंकराचार्यों के सुर में सुर मिलाते हुए महंत धर्मदास ने राम मंदिर की मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में यह 'ट्रस्ट व्यवस्था' खत्म होनी चाहिए और उसकी जगह पारंपरिक 'महंताई व्यवस्था' बहाल होनी चाहिए.
उन्होंने ट्रस्ट को उसकी औकात याद दिलाते हुए तीखे लहजे में कहा, "ट्रस्ट का काम सिर्फ पैसा-रुपया और बाहर की व्यवस्था संभालना है, यह देखना नहीं कि मंदिर के अंदर पुजारी कौन रहेगा या पूजा कैसे होगी. लोग भगवान राम का दर्शन करने आते हैं, किसी धर्मदास या चंपत राय का दर्शन करने नहीं आते. इसलिए वहां तुरंत व्यवस्था परिवर्तन होना चाहिए." अब देखना यह होगा कि जब SIT की 140 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेज पर पहुंचेगी, तो राम मंदिर ट्रस्ट के किन बड़े चेहरों पर गाज गिरती है.
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