Ayodhya Ram Mandir Donation: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की चोरी के मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे केस में पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सीसीटीवी फुटेज की जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद मंदिर के कुछ कर्मचारियों और एक पुलिस अधिकारी की भूमिका भी कथित तौर पर संदिग्ध पाई गई है. सीसीटीवी कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके साथ ही यूपी पुलिस के वालिस डिपार्टमेंट के आरएमओ अर्जुन देव की भूमिका पर भी रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं.
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चंपत राय के ड्राइवर के हॉस्टल पर पुलिस का छापा
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक बहुत बड़ी जानकारी सामने आ रही है. पुलिस इस केेस के मुख्य आरोपियों में से एक और चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर सबूतों की तलाश में उसके एक हॉस्टल पहुंची. टिन्नू यादव के इस हॉस्टल में जब पुलिस ने तलाशी ली तो वहां जो कुछ मिला उसने पुलिस वालों को भी हैरान कर दिया.
SIT की रिपोर्ट के बाद आठ लोगों पर FIR
दरअसल 25 जून को इस पूरे मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई थी. इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई. उसी रात पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए टिन्नू यादव समेत सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद शुक्रवार की सुबह पुलिस टिन्नू यादव को साथ लेकर सबूतों को इकट्ठा करने के लिए निकल पड़ी.
दुर्गापुरी कॉलोनी के हॉस्टल में पुलिस की दबिश
पुलिस की टीम अयोध्या की दुर्गापुरी कॉलोनी में स्थित एक हॉस्टल में पहुंची. यह हॉस्टल खुद आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का है. इस हॉस्टल में करीब 14 कमरे हैं जहां छात्र ऊपर से लेकर नीचे तक रहते हैं. पुलिस की एसओजी टीम टिन्नू यादव को ठीक दोपहर 12 बजे इस हॉस्टल में लेकर आई थी. टिन्नू यादव के इस हॉस्टल के दो कमरों में जब सघन तलाशी ली गई तो वहां से बड़ी बरामदगी हुई.
हॉस्टल के छात्र ने बताया आंखों देखा हाल
हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र लवकुश गुप्ता ने बताया कि कल चार पुलिस वाले टिन्नू यादव को लेकर यहां पहुंचे थे. छात्र ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से नैनीताल गया हुआ था और अभी वापस आया है. उसने मीडिया के माध्यम से ही इस पूरी घटना के बारे में जाना. छात्र का कहना है कि मकान मालिक टिन्नू यादव स्वभाव से बहुत अच्छे आदमी हैं और उन्हें नहीं लगता कि उन पर लगे आरोप सही हैं. छात्र के मुताबिक हॉस्टल के सभी बच्चे पढ़ाई करते हैं और इस घटना के बाद से परिसर में थोड़ा संशय और सन्नाटा पसरा हुआ है.
टिन्नू यादव और भतीजे के पास से 23 लाख बरामद
इस पूरे मामले में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है वह यह है कि टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव के पास से पुलिस ने करीब 23 लाख रुपये की नकदी बरामद की है. अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इन दोनों के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई. टिन्नू यादव और उसका भतीजा मनीष यादव दोनों ही उन आठ आरोपियों में शामिल हैं जिन पर मंदिर का चढ़ावा चोरी करने के गंभीर आरोप लगे हैं.
बैंक तक चढ़ावा पहुंचाने की थी जिम्मेदारी
टिन्नू यादव राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय का ड्राइवर था और मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे को बैंक तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी उसी के पास थी. टिन्नू यादव ने ही करीब डेढ़ साल पहले अपने भतीजे मनीष यादव को मंदिर में नोट गिनने के काम पर लगवाया था. शुरू से ही इस मामले में टिन्नू यादव की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी.
चंपत राय को घेर रहे हैं लोग
एफआईआर में टिन्नू यादव का नाम आने और उसके पास से भारी नकदी बरामद होने के बाद अब लोग चंपत राय को भी इस मामले में घेर रहे हैं. सोशल मीडिया और आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या चंपत राय का ड्राइवर अकेले इतना शक्तिशाली हो सकता है. क्या वह अकेले ही बिना किसी बड़े संरक्षण के इतने बड़े चोरी के कांड को अंजाम दे सकता है. फिलहाल पुलिस हॉस्टल के उन दो कमरों की जांच कर रही है जहां टिन्नू यादव कभी-कभी पूजा पाठ करने आता था और वहीं से यह 23 लाख रुपये बरामद हुए हैं.
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