मोहम्मद अली से फिर बने आयुष मलिक?... शामली के चर्चित धर्मांतरण मामले में अब इस वायरल वीडियो ने सबको चौंकाया

Ayush Malik Shamli Conversion Case: शामली के चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आ गया है. इस्लाम अपनाकर मोहम्मद अली बने आयुष मलिक की अब सनातन धर्म में घर वापसी हो गई है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह घर के मंदिर में पूजा करते और परिवार से आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं.

 आयुष मलिक के वीडियो ने बढ़ाई हलचल
आयुष मलिक के वीडियो ने बढ़ाई हलचल

अरविंद ओझा

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Ayush Malik Viral Video: उत्तर प्रदेश के शामली में मेडिकल करोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक के चर्चित धर्मांतरण मामले में देर रात एक नया मोड़ आ गया है. कुछ समय पहले इस्लाम अपनाकर मोहम्मद अली बने आयुष मलिक की अब सनातन धर्म में घर वापसी हो गई है. सोशल मीडिया पर आयुष का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें आयुष अपने घर के मंदिर में पूजा-पाठ करते और परिजनों से आशीर्वाद लेते नजर आ रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद आयुष के पिता ने भी अपने बेटे की घर वापसी की पुष्टि कर दी है. हालांकि, इस वायरल वीडियो की 'न्यूज तक' पुष्टि नहीं करता है. फिलहाल, इस घटनाक्रम पर अभी आयुष खुद खुलकर सामने नहीं आया है.

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वायरल वीडियाे में क्या दिखा

दरअसल, सोमवार की देर शाम सोशल मीडिया पर आयुष मलिक का एक वीडियो वायरल होने लगा. इसके सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर हलचल मचा गई. वायरल वीडियो में आयुष मलिक अपने घर के मंदिर में बैठकर पूजा-अर्चना कर रहा है. इसके साथ ही वो वीडियो में अपने परिवार के बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए भी दिखाई दे रहा है. 

आयुष मलिक ने वीडियो में क्या कहा?

वायरल वीडियो में आयुष मलिक आयुष का कहना है कि उसने पहले इस्लाम धर्म अपना लिया था लेकिन बाद में अपने पिता और परिवार वालों की बढ़ती परेशानियों और दिक्कतों को देखते हुए उसने अपने मन से दोबारा सनातन धर्म में लौटने का फैसला किया. आयुष ने कहा कि वह अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपना रहा है.

पिता ने ब्रेनवॉश किए जाने का लगाया था आरोप

दवा व्यापारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक का यह मामला चर्चा में बना हुआ था. आयुष के पिता देवराज मलिक ने आरोप लगाया था कि चांदनी नाम की एक मुस्लिम लड़की और उसके पिता ने एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत उनके बेटे आयुष का ब्रेनवॉश किया था. पिता का दावा था कि उनकी करोड़ों की जायदाद को हड़पने के लिए आयुष मलिक का धर्म परिवर्तन कराकर उसे मोहम्मद अली बना दिया गया था.

जमीयत सदर मौलाना साजिद कासमी ने दिया बड़ा बयान

आयुष मलिक के इस तरह दोबारा हिंदू धर्म अपनाने पर जमीयत सदर मौलाना साजिद कासमी का भी बयान सामने आया है. मौलाना साजिद कासमी ने कहा कि कोई भी धर्म बुरा नहीं होता है. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी मजहब के अंदर जबरदस्ती नहीं रह सकता है और ना ही किसी को जबरदस्ती रखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर वह वापस हुआ है तो इसमें इस्लाम मजहब का कोई लेना-देना नहीं है.

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के शामली में आयुष मलिक का धर्मांतरण मामला काफी चर्चा में रहा है. आरोप है कि दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक ने जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी के प्रेम संबंध में आकर इस्लाम धर्म अपना लिया. इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर मोहम्मद अली रख लिया था. इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. परिवार ने आयुष को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन करने और निकाह कर आरोप लगाया. इस मामले में पुलिस ने चांदनी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी समेत कई लोगों के खिलाफ यूपी के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया. हालांकि, आयुष ने कहा था कि उन्होंने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया है.

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