आजम खान-अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में राहत, लेकिन इस मांग को अदालत ने किया खारिज?

पंकज श्रीवास्तव

29 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 29 2026 1:11 PM)

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करने के साथ सजा भी निलंबित कर दी है. हालांकि, कोर्ट ने उनकी एक अहम मांग खारिज कर दी.

आजम खान और अब्दुल्ला आजम को मिली बड़ी राहत
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को मिली बड़ी राहत
Google CTA

Abdullah Azam Khan News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड रखने के मामले में बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है और उनकी सजा को भी निलंबित कर दिया है. हालांकि, अदालत ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है.

Read more!

अदालत में क्या मांग की गई थी?

आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. अपनी क्रिमिनल रिवीजन याचिका में दोनों ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की थी. अदालत ने जमानत और सजा निलंबित करने की मांग मंजूर कर ली, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

15 अक्टूबर को सुरक्षित रखा गया था फैसला

इस मामले में 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी हुई थी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए आजम खान और अब्दुल्ला आजम को जमानत और सजा निलंबन की राहत दी है.

दो पैन कार्ड मामला क्या है?

साल 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने रामपुर के सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के नाम पर दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाए गए थे, जिनमें उनकी जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी. शिकायत में कहा गया कि इन पैन कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग दस्तावेजों और चुनावी हलफनामों में किया गया. आरोप यह भी था कि चुनाव लड़ने के लिए जरूरी 25 साल की उम्र पूरी दिखाने के मकसद से उम्र से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर की गई.

इस मामले में निचली अदालत ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए दोनों को 7-7 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. इसके बाद अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने के लिए सेशन कोर्ट में अपील की. बाद में MP-MLA सेशन कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की अपील पर निचली अदालत की सजा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया. यानी दोनों को पहले मिली 7 साल की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी गई थी.

यह भी पढ़ें: IAS Abhay Singh: कौन हैं IAS अभय सिंह? जिन्हें हटाने के लिए BJP के बागी नेता ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, जानें 2019 के किस मामले का दिया हवाला